यूपी के इस जिले को मिली बड़ी सौगात, दो एलिवेडेट कॉरिडोर को मंजूरी, केबल-स्टे ब्रिज सहित ये होंगी खासियत
केंद्र की मोदी सरकार ने वाराणसी जिले को बड़ी सौगात देते हुए गंगा एलिवेटेड लिंक-कनेक्टर कॉरिडोर और वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है।
पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने वाराणसी में 46.039 किलोमीटर लंबे गंगा एलिवेटेड लिंक-कनेक्टर कॉरिडोर (Ganga River Elevated Corridor) के निर्माण को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले को वाराणसी की ट्रैफिक समस्या को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 14,447.64 करोड़ रुपये है। यह एलिवेटेड लिंक NH-19 को वाराणसी रिंग रोड (NH-135B) से जोड़ेगा। साथ ही सरकार ने वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर को भी मंजूरी दे दी है।
हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत होगा तैयार
करीब 14447.64 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत किया जाएगा। इसमें छह लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर, गंगा नदी पर केबल-स्टे ब्रिज, एक्स्ट्राडोज्ड फुट ओवर ब्रिज, रैंप, लूप, लिंक रोड और सर्विस रोड जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
60 मिनट का सफर अब सिर्फ 20 मिनट में
इस कॉरिडोर के तैयार होने के बाद वाराणसी की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। फिलहाल जिस सफर में करीब 60 मिनट लगते हैं, वह घटकर सिर्फ 20 मिनट रह जाएगा। वहीं NH-19 से काशी रेलवे स्टेशन पहुंचने में लगने वाला समय भी 50 मिनट से घटकर 25 मिनट हो जाएगा।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आसान होगा सफर
हर साल 15 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु और पर्यटक वाराणसी पहुंचते हैं। नए कॉरिडोर के बनने से काशी विश्वनाथ मंदिर, नमो घाट, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), रामनगर किला और वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों तक पहुंचना पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा।
प्रोजेक्ट के तहत BHU-लंका से सामने घाट तक एक एलिवेटेड स्पर भी बनाया जाएगा, जिससे शहर के सबसे व्यस्त लंका चौराहे पर लगने वाले जाम में बड़ी कमी आएगी।
गंगा पर बनेगा भव्य केबल-स्टे ब्रिज
इस प्रोजेक्ट की सबसे खास पहचान गंगा नदी पर बनने वाला 910 मीटर लंबा आइकॉनिक केबल-स्टे ब्रिज होगा। इसके अलावा 1.32 किलोमीटर लंबा एक्स्ट्राडोज्ड फुट ओवर ब्रिज-कम-मेजर ब्रिज बनाया जाएगा, जिसमें ट्रैवलेटर की सुविधा होगी। इससे श्रद्धालु आराम से पैदल काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंच सकेंगे।
वाराणसी की सांस्कृतिक विरासत की मिलेगी झलक
इस प्रोजेक्ट में रेल ओवर ब्रिज, इमरजेंसी पार्किंग बे, नॉइज बैरियर, आकर्षक लाइटिंग और वाराणसी की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित डिज़ाइन भी शामिल किए गए हैं, जो शहर की खूबसूरती में चार चांद लगाएंगे।
जाम, प्रदूषण और फ्यूल खर्च तीनों होंगे कम
कॉरिडोर के शुरू होने के बाद NH-19, BHU-रामनगर कॉरिडोर और NH-35 पर ट्रैफिक जाम कम होगा। इससे सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, फ्यूल की बचत होगी, प्रदूषण घटेगा और लोगों का सफर पहले से ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक हो सकेगा।
वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर की भी मिली सौगात
सरकार ने साथ ही NH-31 और वाराणसी रिंग रोड को जोड़ने वाला 43.218 किलोमीटर लंबे वरुणा नदी एलिवेटेड कॉरिडोर को भी मंजूरी दे दी है, जिसकी कुल लागत 10,998.32 करोड़ रुपये है। इसके तहत वरुण नदी के किनारे छह या चार-लेन वाला एलिवेटेड कैरिजवे का निर्माण होगा जिसमें फ्लाईओवर, रैंप, लूप और सर्विस रोड शामिल होंगे। इसके निर्माण से लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का सफर आसान हो जायेगा।
पूर्वांचल के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
शहर में प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर केवल एक सड़क प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश की आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन गतिविधियों को नई गति देने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन, तीर्थाटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के विकास को नई दिशा मिलेगी।
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