Mahavir Jayanti 2026: जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर, भगवान महावीर की जयंती पूरे भारत में बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। साल 2026 में महावीर जयंती की डेट को लेकर छात्रों और पेरेंट्स के बीच काफी चर्चा है। क्या मंगलवार, 31 मार्च 2026 को स्कूलों में छुट्टी रहेगी? आइए जानते हैं क्या है सरकार का फैसला और किन राज्यों में स्कूल बंद रहेंगे।
महावीर जयंती 2026: कब है छुट्टी?
हिंदू कैलेंडर और सरकारी गजट के अनुसार, महावीर जयंती मुख्य रूप से 31 मार्च 2026 (मंगलवार) को मनाई जा रही है। हालांकि, कुछ राज्यों में स्थानीय समितियों और जैन समाज की मांग पर इस डेट में बदलाव भी देखा गया है।
अधिकांश राज्यों में यह एक 'राजपत्रित अवकाश' है, जिसका अर्थ है कि इस दिन सरकारी दफ्तर, बैंक और स्कूल अनिवार्य रूप से बंद रहते हैं।
किन राज्यों में बंद रहेंगे स्कूल?
महावीर जयंती के अवसर पर उत्तर भारत के साथ-साथ पश्चिम और दक्षिण भारत के कई राज्यों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। छात्र और पेरेंट्स छुट्टी से जुड़ी अपडेट्स लेने के लिए नीचे दी गई टेबल से अपने राज्य की स्थिति जान सकते हैं।
| राज्य | छुट्टी की डेट्स | स्कूल की स्थिति |
| उत्तर प्रदेश (UP) | 31 मार्च 2026 | बंद रहेंगे |
| दिल्ली | 31 मार्च 2026 | बंद रहेंगे |
| राजस्थान | 31 मार्च 2026 | बंद रहेंगे |
| मध्य प्रदेश (MP) | 30 मार्च 2026 | बंद रहेंगे (बदलाव के साथ) |
| हरियाणा | 31 मार्च 2026 | बंद रहेंगे |
| बिहार | 31 मार्च 2026 | बंद रहेंगे |
| महाराष्ट्र | 31 मार्च 2026 | बंद रहेंगे |
| कर्नाटक | 30 मार्च 2026 | बंद रहेंगे (पोस्टपोन डेट) |
जैन समुदाय की छुट्टी को लेकर अपील
मध्य प्रदेश और कर्नाटक जैसे कुछ राज्यों में सरकार ने जैन समुदाय की अपील पर छुट्टी को 31 मार्च के बजाय 30 मार्च को कर दिया है। इंदौर, भोपाल और बेंगलुरु जैसे शहरों में सोमवार को ही अवकाश रहेगा।
31 मार्च को स्कूल खुलेंगे या नहीं?
अगर आप उत्तर प्रदेश या दिल्ली में रहते हैं, तो शिक्षा विभाग के कैलेंडर के अनुसार 31 मार्च को स्कूल पूरी तरह बंद रहेंगे। लेकिन, यदि आप उन राज्यों में हैं जहां छुट्टी 30 मार्च को शिफ्ट कर दी गई है, तो आपके स्कूल 31 मार्च को खुले रह सकते हैं।
महावीर जयंती का महत्व
भगवान महावीर ने दुनिया को 'अहिंसा परमो धर्म' का संदेश दिया। उनकी जयंती के दिन जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रथ यात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। स्कूलों में भी इस दिन के महत्व को बताने के लिए कई बार एक दिन पहले विशेष सभाएं आयोजित की जाती हैं।
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