F-35 Fighter Jet Cost: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक बार फिर से दुनिया के सबसे एडवांस्ड फाइटर जेट्स में से एक F-35 चर्चा में आ गया है, जो पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट है. ऐसे में लोगो के मन में यह सवाल उठ रहा है कि एक F-35 तैयार करने में कितना खर्च होता है, बताते चले कि F-35A की लागत करीब 80-115 मिलियन डॉलर (₹670–₹1,000 करोड़) तक होती है। आज हम इसके बारें में ही विस्तार से चर्चा करने जा रहे है।
क्या है F-35 और JSF प्रोग्राम
F-35 Lightning II एक अमेरिकी मल्टीरोल स्टेल्थ फाइटर जेट है, जिसे दुनिया के सबसे आधुनिक फाइटर जेट्स में गिना जाता है। इसे Lockheed Martin ने विकसित किया है। यह अमेरिका के जॉइंट स्ट्राइक फाइटर (JSF) प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य वायुसेना, नौसेना और मरीन कॉर्प्स के लिए एक साझा और इंटरऑपरेबल प्लेटफॉर्म तैयार करना था।
तीन वेरिएंट में उपलब्ध है F-35
F-35 के तीन वेरिएंट F-35A (एयर फोर्स), F-35B (मरीन कॉर्प्स) और F-35C (नेवी) हैं। तीनों में स्टेल्थ तकनीक, सिंगल इंजन और सुपरसोनिक क्षमता मौजूद है। अंतर इनके ऑपरेशन में है. F-35A सामान्य रनवे से उड़ान भरता है, F-35B वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग कर सकता है, जबकि F-35C एयरक्राफ्ट कैरियर ऑपरेशन के लिए बड़े विंगस्पैन के साथ डिजाइन किया गया है।
कितनी है एक F-35 की कीमत
एक F-35 की कीमत उसके वेरिएंट के अनुसार अलग-अलग होती है। एडवांस वर्जन की कीमत लगभग 110-115 मिलियन डॉलर (करीब ₹950-₹968 करोड़) है। हालांकि, ट्रेनिंग, मेंटेनेंस और उपकरण जोड़ने पर यह लागत करीब ₹1,000 करोड़ तक पहुंच सकती है। इसके अलावा, एक घंटे की उड़ान का खर्च लगभग 35,000-40,000 डॉलर (करीब ₹28-32 लाख) है, जो इसे दुनिया के सबसे महंगे फाइटर जेट्स में शामिल करता है।
वहीं कुछ F-35A मॉडल की कीमत लगभग 80 से 80.5 मिलियन डॉलर के बीच है, जो भारतीय मुद्रा में करीब 670 से 700 करोड़ रुपये बैठती है।
चुनौतियां और प्रदर्शन
रिपोर्ट की माने तो महंगे होने के साथ-साथ F-35 प्रोग्राम को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जैसे इंजन डिलीवरी में देरी और सॉफ्टवेयर समस्याएं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसकी मिशन कैपेबल रेट 2023 में करीब 55% रही, जो निर्धारित लक्ष्य से कम है। 2018 के बाद से इसके आधुनिकीकरण पर लागत में लगभग 6.5 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी भी हुई है।
दुनिया में कितनी है डिमांड
अमेरिका ने 2,700 से अधिक F-35 का ऑर्डर दिया है, जिनमें से करीब 900 डिलीवर हो चुके हैं। 2024 में 110 विमान डिलीवर किए गए। जर्मनी, फिनलैंड, ग्रीस और रोमानिया जैसे देश भी इसे शामिल कर रहे हैं, जबकि पोलैंड, सिंगापुर और स्विट्जरलैंड जैसे देशों से भविष्य में और ऑर्डर मिलने की संभावना है।
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