IPS से कितनी अलग होती है DANIPS पुलिस सेवा
आपने भारत में भारतीय पुलिस सेवा(IPS) के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत में DANIPS सेवा भी होती है। क्या आप इस सेवा के बारे में जानते हैं, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत में पुलिस सेवा में अधिकारियों का चयन भारतीय पुलिस सेवा(IPS) से होता है। यह सेवा ऑल इंडिया लेवल की होती है, जिसमें पुलिस अधिकारी को देश के किसी भी हिस्से में तैनात किया जा सकता है। यह उसके कैडर पर निर्भर करता है। इसके अलावा, भारत में DANIPS पुलिस सेवा भी होती है। क्या आप इस सेवा के बारे में जानते हैं, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
क्या होती है DANIPS
भारतीय पुलिस प्रशासन में DANIPS एक बेहद महत्त्वपूर्ण संघीय पुलिस सेवा है। इसका पूरा नाम Delhi, Andaman and Nicobar Islands, Lakshadweep, Daman and Diu and Dadra and Nagar Haveli Police Service होता है। यह भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाली एक ग्रुप 'B' मसिविल सेवा है।
डानिप्स सेवा में कैसे होता है चयन
डानिप्स अधिकारियों का चयन भारत की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा (Civil Services Examination) के माध्यम से किया जाता है। जिन उम्मीदवारों को उनकी रैंक और प्राथमिकताओं के आधार पर आईपीएस (IPS) अलॉट नहीं हो पाता है, उन्हें डानिप्स सेवा आवंटित की जाती है।
कहां होती है तैनाती
इस सेवा के अधिकारियों की नियुक्ति मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और भारत के केंद्र शासित प्रदेशों अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप, दमन-दीव और दादरा-नगर हवेली में की जाती है। इन क्षेत्रों में पुलिसिंग और कानून व्यवस्था का जमीनी प्रबंधन डानिप्स अधिकारियों के ही जिम्मे होता है।
क्या मिलता है पद
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद एक डानिप्स अधिकारी का करियर काफी जिम्मेदारी भरा होता है। यदि अधिकारी की तैनाती दिल्ली पुलिस में होती है, तो उसे शुरुआती तौर पर ACP- Assistant Commissioner of Police का पद मिलता है। वे किसी सब-डिवीजन के प्रभारी होते हैं और उनके अधीन कई पुलिस स्टेशन काम करते हैं। अन्य UTs में नियुक्ति होने पर इन्हें डीएसपी (DSP - Deputy Superintendent of Police) या एसडीपीओ (SDPO) का पदभार दिया जाता है। इनका मुख्य कार्य अपने सब-डिवीजन में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, गंभीर अपराधों की जांच का पर्यवेक्षण करना, वीआईपी सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करना होता है।
IPS के लिए कैसे होती है पदोन्नति
डानिप्स सेवा का सबसे आकर्षक पहलू इसका पदोन्नति ढांचा है। डानिप्स अधिकारी एक निश्चित अवधि आमतौर पर 8 से 10 साल की संतोषजनक सेवा के बाद आईपीएस के रूप में प्रमोट कर दिए जाते हैं। आईपीएस बनने के बाद वे AGMUT (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर का हिस्सा बन जाते हैं। प्रमोशन के बाद इन्हें एडिशनल डीसीपी, डीसीपी और आगे चलकर जॉइंट सीपी जैसे उच्च पदों पर नियुक्त किया जाता है।
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