NTA New Rules for NEET Exam: कोचिंग से जुड़े टीचर नहीं बना सकेंगे नीट का पेपर, NTA ने लागू किए कड़े सुरक्षा नियम

Last Updated: Nov 3, 2026, 18:19 IST

NTA New Rules for NEET Exam: एनटीए ने नीट यूजी एग्जाम की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए 5,000 से अधिक विशेषज्ञों का एक नया पैनल बनाया गया है। इसके साथ ही,  कोचिंग से जुड़े टीचर्स को दूर रखने और एग्जाम के कड़े नियम लागू किए गए हैं। यहां से देखें सभी नए रूल्स क्या है। 

NEET UG Paper Leak Prevention
NEET UG Paper Leak Prevention

NEET UG Paper Leak Prevention: देश की सबसे बड़ी मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम NEET UG और अन्य प्रमुख नेशनल एग्जाम को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और विवाद मुक्त बनाने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपनी कार्यप्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव किए हैं। हाल के सालो में सामने आई चुनौतियों और पेपर लीक की संभावनाओं को पूरी तरह खत्म करने के लिए NTA ने कड़े कदम उठाते हुए 5,000 से अधिक Subject Experts का एक नया पैनलगठित किया है।

यह नया पैनल तीन साल के कार्यकाल के लिए बनाया गया है। इसमें देश भर के प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, वैज्ञानिक, रिसर्चर, टीचर और ट्रांसलेटर शामिल किए गए हैं, जो एग्जाम के क्वश्न पेपर तैयार करने से लेकर उनके अनुवाद और मॉडरेशन की प्रक्रिया को संभालेंगे। NTA द्वारा किए गए इन नए बदलावों और उनके प्रभावों के बारे में डिटेल से जानने के लिए यहां से जानें। 

NTA Reforms Overview: मुख्य बदलावों की टेबल 

NTA ने पेपर बनाने से जुड़े कई बड़े फैसले लागू किए है। इन निम्नलिखित बदलावों के बारे में जानने के लिए यहां नीचे दी गई टेबल को देखें। 

बदलाव का बिंदु 

नई व्यवस्था और डिटेल्स 

विशेषज्ञों का नया पैनल

5,000 से अधिक शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और टीचर्स को किया गया शामिल

पैनल का कार्यकाल

3 वर्ष (आवश्यकतानुसार नए विशेषज्ञों को जोड़ने की प्रक्रिया साल भर खुली रहेगी)

पुराने पैनल पर कार्रवाई

सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए पहले ही लगभग 600 पुराने विशेषज्ञों को हटाया गया

पृष्ठभूमि की जांच 

विशेषज्ञों के चयन के लिए कड़े 4 चरणों की सत्यापन प्रक्रिया लागू

मुख्य उद्देश्य

पेपर लीक की संभावनाओं को शून्य करना और परीक्षा की पवित्रता बनाए रखना

4-Layer Verification Process

NTA अधिकारियों के अनुसार, नए पैनल में शामिल होने वाले प्रत्येक एक्सपर्ट को बहुत ही कड़े पात्रता मानदंडों से गुजरना पड़ता है। किसी भी व्यक्ति को सीधे या बिना जांच के इस संवेदनशील कार्य से नहीं जोड़ा जाता है:

  1. पहला चरण (Primary Check): आवेदक की व्यक्तिगत जानकारी, पात्रता, शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर अनुभव की प्रारंभिक जांच की जाती है।
  2. दूसरा चरण (Document Validation): सभी आवश्यक शैक्षणिक और ऑफिशियल डॉक्यूमेंट्स का सूक्ष्म सत्यापन किया जाता है।
  3. तीसरा चरण (Academic Evaluation): NTA की विषय विशेषज्ञ समिति आवेदक के रीसर्च वर्क और क्वश्न पेपर निर्माण के पिछले अनुभवों का मूल्यांकन करती है।
  4. चौथा चरण (Background & Coaching Link Check): यह सबसे महत्वपूर्ण स्टेप है। इसमें यह कड़ाई से जांचा जाता है कि आवेदक का किसी कमर्शियल कोचिंग संस्थान से कोई संबंध तो नहीं है या उसने पहले कोई कमर्शियल क्वेश्चन बैंक तो तैयार नहीं किया है।

कोचिंग से जुड़े टीचर नहीं बना सकेंगे नीट का पेपर

नए नियमों के अंदर यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी कमर्शियल कोचिंग संस्थान से जुड़े या शिक्षण व्यापार में एक्टिव शिक्षक नीट यूजी या अन्य एंट्रेंस एग्जाम के क्श्न पेपर तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल न हो सकें। इसके अलावा, पैनल में शामिल होने वाले प्रत्येक विशेषज्ञ को एक विस्तृत गोपनीयता समझौते (Non-Disclosure Agreement - NDA) पर सिग्नेचर करने होते हैं, और हर नए असाइनमेंट से पहले इसकी पुनरावृत्ति करनी होती है।

कौन कौन-से एग्जाम कराता है NTA

1. जेईई मेन

2. नीट यूजी

3. सीयूईटी यूजी

4. सीयूईटी पीजी

5. यूजीसी नेट

6. सीएसआईआर नेट

नीट यूजी को छोड़कर बाकी एग्जाम कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाती हैं।

एग्जाम से कुछ मिनट पहले तैयार होगा क्वश्न पेपर और विशाल 'क्वेश्चन बैंक'

पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए NTA एक बेहद विशाल 'क्वेश्चन बैंक' तैयार कर रहा है:

  • क्वश्न का असीमित दायरा: यह क्वेश्चन बैंक इतना बड़ा होगा कि किसी भी विशेषज्ञ या अनुवादक के लिए यह याद रखना या अनुमान लगाना असंभव होगा कि एग्जाम में कौन से क्वश्न पूछे जाने वाले हैं।
  • एग्जाम के ठीक पहले सेलेक्शन: इस नई तकनीकी व्यवस्था के अंदर, एग्जाम से कुछ मिनट पहले ही मुख्य सर्वर से क्वश्न का सेलेक्शन करके क्वश्न पेपर को फाइनल रूप दिया जा सकता है, जिससे क्वश्न पेपर के बाहर होने या लीक होने का जोखिम पूरी तरह समाप्त हो जाता है।

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Akshara Verma
Akshara Verma

Executive - Editorial

Akshara Verma is a digital journalist. She writes in Hindi and is a subject matter expert in Education, Government Jobs, Current Affairs, General Knowledge, News, delivering accurate and authoritative content for a wide readership of Jagran Josh.

A graduate of Bharati Vidyapeeth's Institute of Computer Applications and Management (BVICAM) with a Bachelor of Journalism and Mass Communication, Akshara brings a strong academic and professional foundation to her work. She has previously held content writing and Public Relations roles at Genesis BCW and Dainik Bhaskar, experiences that have sharpened her ability to craft impactful, audience-first content across diverse formats. She can be reached at akshara.verma@jagrannewmedia.com.

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First Published: Nov 3, 2026, 18:19 IST

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