भारत में अगले साल किन राज्यों में है विधानसभा चुनाव? देखें सभी नाम
भारत में 2027 में पांच राज्यों - उत्तर प्रदेश, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में विधानसभा चुनाव कराये जायेंगे। इनमें उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा और सबसे अहम चुनाव माना जा रहा है। 2027 का चुनावी साल इसलिए भी खास रहेगा क्योंकि यह 2029 लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल और दलों की ताकत का बड़ा संकेत दे सकता है।
भारत में वर्ष 2027 का चुनावी कैलेंडर भले ही 2026 की तुलना में छोटा हो, लेकिन राजनीतिक दृष्टि से यह बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस साल पांच बड़े राज्यों गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। इन राज्यों की मौजूदा विधानसभाओं का कार्यकाल 2027 में समाप्त हो रहा है, जिसके बाद नए जनादेश के लिए मतदान कराया जाएगा।
2027 में किन राज्यों में होंगे विधानसभा चुनाव?
वर्ष 2027 में पांच राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल पूरा होगा। इनमें सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा चर्चित चुनाव उत्तर प्रदेश का होगा, जबकि गोवा और मणिपुर जैसे छोटे राज्यों में भी राजनीतिक मुकाबला दिलचस्प रहने की उम्मीद है।
| राज्य | विधानसभा कार्यकाल | कुल सीटें | चुनाव वर्ष |
| गोवा | 15 मार्च 2022 - 14 मार्च 2027 | 40 | 2027 |
| मणिपुर | 14 मार्च 2022 - 13 मार्च 2027 | 60 | 2027 |
| पंजाब | 17 मार्च 2022 - 16 मार्च 2027 | 117 | 2027 |
| उत्तराखंड | 29 मार्च 2022 - 28 मार्च 2027 | 70 | 2027 |
| उत्तर प्रदेश | 23 मई 2022 - 22 मई 2027 | 403 | 2027 |
क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है 2027 का चुनावी साल?
साल 2027 का चुनावी दौर इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि यह 2026 के बड़े विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव के बीच का राजनीतिक पुल साबित होगा। राजनीतिक दल इन चुनावों के जरिए जनता का मूड समझने, नए गठबंधन आजमाने और 2029 की रणनीति तय करने की कोशिश करेंगे। खासकर उत्तर भारत के राज्यों के नतीजे राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
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उत्तर प्रदेश रहेगा सबसे बड़ा राजनीतिक रणक्षेत्र
उत्तर प्रदेश का चुनाव 2027 का सबसे अहम मुकाबला माना जाएगा। राज्य में 403 विधानसभा सीटें हैं और यही राज्य लोकसभा में 80 सांसद भेजता है। ऐसे में यहां का चुनाव सिर्फ राज्य की सत्ता तक सीमित नहीं रहता, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी उसका सीधा असर पड़ता है। किसी भी दल की जीत या हार 2029 के आम चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल बदल सकती है।
पंजाब, मणिपुर और उत्तराखंड पर भी रहेगी नजर
पंजाब में चुनाव को एंटी-इनकंबेंसी, क्षेत्रीय दलों और किसान राजनीति के नजरिए से देखा जाएगा। वहीं मणिपुर में स्थिरता, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक मुद्दे चुनावी बहस का केंद्र बन सकते हैं। दूसरी ओर उत्तराखंड में स्थानीय पहाड़ी मुद्दों और राष्ट्रीय राजनीति के बीच संतुलन अहम रहेगा। छोटे राज्य होने के बावजूद गोवा में गठबंधन की राजनीति हमेशा चुनाव को दिलचस्प बनाती है।
2029 लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक संकेत
साल 2027 के विधानसभा चुनाव केवल राज्य सरकारों के गठन तक सीमित नहीं होंगे। इन्हें 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सेमीफाइनल के तौर पर भी देखा जाएगा। इन राज्यों के नतीजे यह तय कर सकते हैं कि किस दल या गठबंधन के पक्ष में राजनीतिक हवा बन रही है। इसलिए भले ही राज्यों की संख्या कम हो, लेकिन 2027 का चुनावी साल भारतीय राजनीति में बड़ा असर छोड़ सकता है।
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