उत्तराखंड की प्रमुख ऊंची चोटियां, 2 बड़े धार्मिक स्थल भी हैं शामिल
उत्तर भारत में स्थित उत्तराखंड को 'देवभूमि' और 'पहाड़ों की रानी' के नाम से जाना जाता है। यह महान हिमालय की गोद में बसा हुआ राज्य है, जहां कई बड़ी प्रमुख चोटियां मौजूद हैं। इस लेख में हम राज्य की सबसे ऊंची चोटियों के बारे में जानेंगे।
यदि बात पहाड़ों की खूबसूरत वादियों की हो और उत्तराखंड का जिक्र न हो, ऐसा नहीं हो सकता है। उत्तर भारत में स्थित उत्तराखंड को 'देवभूमि' और 'पहाड़ों की रानी' के नाम से जाना जाता है। यह महान हिमालय की गोद में बसा हुआ राज्य है, जो कि कई बड़ी प्रमुख चोटियों का घर है। यहां कुछ ऐसी चोटियां भी हैं, जिन्हें हिंदू धर्म में बेहद पूजनीय माना जाता है। इस लेख में हम राज्य की प्रमुख चोटियों के बारे में जानेंगे।
नंदा देवी
नंदा देवी उत्तराखंड की सबसे ऊंची चोटी है। साथ ही, यह पूरी तरह भारत के भीतर होने के कारण देश की सबसे ऊंची चोटी भी है, जो कि चमोली जिले में आती है। इस चोटी की ऊंचाई 7,816 मीटर है। खास बात यह है कि इस चोटी के दो प्रमुख शिखर हैं, जिनमें से एक नंदा देवी पश्चिम और दूसरा नंदा देवी पूर्व है।
इस पर्वत को चारों तरफ से ऊंची चोटियों की एक दीवार घेरे हुए है, जिसे 'नंदा देवी अभयारण्य' कहा जाता है। आपको बता दें कि यह यह यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल है।
कामेट पर्वत
यह दूसरी सबसे ऊंची चोटी है, जो कि तिब्बत की सीमा के पास गढ़वाल क्षेत्र में आती है। इसकी कुल ऊंचाई 7,756 मीटर है, जो कि दिखने में पिरामिड की तरह लगती है। इसके टॉप पर समतल भूमि है। इस चोटी पर चढ़ना आसान नहीं है। यही वजह है कि पर्वतारोही भी इस चोटी को बहुत कठिन चोटी मानते हैं।
नंदाकोट
यह चोटी चमोली और पिथौरागढ़ जिलों की सीमा पर पिंडारी ग्लेशियर के ऊपर है। इसकी ऊंचाई 6,861 मीटर है, जो कि दिखने में एक बड़ी बर्फीली दीवार की तरह दिखती है।
चौखम्बा
यह चोटी गढ़वाल हिमालय के बद्रीनाथ-केदारनाथ क्षेत्र में स्थित है, जिसकी ऊंचाई 7,138 मीटर है। इसके चार बड़े शिखर हैं, जो कि खंभे जैसे दिखाई देते हैं। आपको बता दें कि गंगोत्री ग्लेशियर का उद्गम इसी पर्वत समूह की पश्चिमी ढलान से होता है।
त्रिशूल पर्वत
यह चोटी बागेश्वर और चमोली जिलों की सीमा पर है, जो कि अपने अनूठे आकार के कारण पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। इसकी ऊंचाई 7,120 मीटर है, जिसकी तीन चोटियां एक साथ दिखाई देती हैं और दिखने में त्रिशूल के आकार में दिखती हैं।
केदारनाथ और बद्रीनाथ चोटियां
इन दोनों चोटियों का बहुत ही धार्मिक महत्त्व है, जो कि उत्तराखंड के चार धाम में आती हैं। बद्रीनाथ को नीलकंठ चोटी कहा जाता है, जिसकी ऊंचाई 6,596 मीटर है। इसे इसके खूबसूरत पिरामिड आकार के कारण 'गढ़वाल का क्वीन' भी कहा जाता है। वहीं केदारनाथ चोटीकी ऊंचाई 6,940 मीटर है। इसे बद्रीनाथ मंदिर के पीछे देखा जा सकता है, जो कि दीवार की तरह दिखती है।
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