एशिया की सबसे गहरी झील कौन-सी है, जानें यहां

Last Updated: May 17, 2026, 17:00 IST

एशिया में स्थित गहरी झील की कुल गहराई 1642 मीटर है। यदि हमें इसे किलोमीटर में देखें, तो यह पानी की सतह से करीब 1.5 किलोमीटर नीचे तक है। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यह झील वास्तव में कितनी गहरी है।

एशिया की सबसे गहरी झील
एशिया की सबसे गहरी झील

एशिया की सबसे गहरी झील ही दुनिया का सबसे गहरी झील है। यह झील रूस के साइबेरिया में स्थित बैकाल झील(Lake Baikal) है। इसकी औसत गहराई की बात करें, तो यह 744 मीटर गहरी है।

वहीं, यह दुनिया की सबसे पुरानी झीलों में से एक है। सर्दी अधिक पड़ने पर इस झील का पानी इस प्रकार जम जाता है कि इसके ऊपर से भारी ट्रकों को गुजारा जा सकता है। इस मौसम में झील से निकलने वाली मिथेन गैस के बुलबुले इसे और भी आकर्षक बनाते हैं। 

कितनी गहरी है बैकाल झील 

बैकाल झील की कुल गहराई की बात करें, तो यह 1642 मीटर गहरी है। यदि किलोमीटर में देखें, तो इसकी गहराई पानी की सतह से 1.5 किलोमीटर नीचे तक है। वहीं, झील की औसत गहराई 744 मीटर है, जिससे यह दुनिया की अन्य झीलों की तुलना में अधिक गहरी झील बनती है। 

झील में ताजे पानी की मौजूदगी

बैकाल झील की सतह पर करीब 22 फीसदी तक ताजे पानी का हिस्सा मौजूद है। यदि इसकी तुलना की जाए, तो यह मात्रा उत्तरी अमेरिका की सभी बड़ी झीलों के पानी को मिलाकर बनने वाली मात्रा से अधिक है।

बैकाल है दुनिया की सबसे प्राचीन झील

भूवैज्ञानिकों के आंकड़ों पर गौर करें, तो बैकाल झील की आयु करीब 2.5 करोड़ साल पुरानी बताई जाती है। वहीं, अन्य झीलें गाद भरने की वजह से हजारों सालों में अपना अस्तित्व खो देती हैं, जबकि बैकाल झील रिफ्ट वैली में है, जिससे यह धीरे-धीरे चौड़ी होने के साथ गहरी भी हो रही है।

साफ पानी के लिए जानी जाती है झील 

बैकाल झील का पानी बहुत साफ रहता है। सर्दी में झील का पानी जमने पर इसमें 20 मीटर से अधिक तक गहराई में देखा जा सकता है। अपनी शुद्धता के कारण इस झील को साइबेरिया की नीली आंख भी कहा जाता है। 

झील में पाए जाते हैं अद्वितीय जीव-जंतु

बैकाल झील में आपको जीव-जंतुओं की करीब 80 फीसदी प्रजाति ऐसी मिलेंगी, जो कि दुनिया में कहीं और नहीं पाई जाती हैं। यहां बैकाल सील से लेकर गोलोमंयका तक पाई जाती है।

आपको बता दें कि बैकाल सील एक ऐसी सील है, जो कि सिर्फ ताजे पानी में ही रहती है। वहीं, गोलोमयंका एक ऐसी मछली होती है, जिसमें कोई हड्डी नहीं होती है और यह पारदर्शी होती है। इस झील की प्राकृतिक सुंदरता और वैज्ञानिक महत्त्व को देखते हुए 1996 में यूनेस्को (UNESCO) ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषत किया था।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior content writer

A seasoned journalist with over 7 years of extensive experience across both print and digital media, skilled in crafting engaging and informative multimedia content for diverse audiences. His expertise lies in transforming complex ideas into clear, compelling narratives that resonate with readers across various platforms. At Jagran Josh, Kishan works as a Senior Content Writer (Multimedia Producer) in the GK section. He writes on national and international topics from a GK perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com

... Read More
First Published: May 17, 2026, 17:00 IST

आप जागरण जोश पर भारत, विश्व समाचार, खेल के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समसामयिक सामान्य ज्ञान, सूची, जीके हिंदी और क्विज प्राप्त कर सकते है. आप यहां से कर्रेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें.

Trending

Latest Education News