भारत आने वाले विदेशी यात्रियों की महत्त्वपूर्ण लिस्ट, जरूर पढ़ें

Last Updated: May 17, 2026, 12:13 IST

भारत का इतिहास उठाकर देखें, तो हमें अलग-अलग शासकों के समय विभिन्न विदेशी यात्रियों का वर्णन देखने को मिलता है, जो कि भारत आए थे। विभिन्न परीक्षाओं में इससे जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। इस लेख में हम इस बारे में विस्तार से जानेंगे। 

भारत आने वाले विदेशी यात्री
भारत आने वाले विदेशी यात्री

भारत में सदियों से विदेशी यात्री आते रहे हैं। प्राचीन इतिहास से लेकर मध्य इतिहास तक देश में विदेशी यात्रियों का आवागमन का वर्णन देखने को मिलता है। इस कड़ी में विदेशी यात्री आए और उन्होंने अलग-अलग लेखों के माध्यम से भारत के इतिहास को किताबों में उतारा, जिनसे हमें भारतीय इतिहास को समझने में मदद मिलती है। इस लेख में हम ऐसे ही कुछ महत्त्वपूर्ण विदेशी यात्रियों के बारे में विस्तार से जानेंगे।

प्राचीन काल में आए विदेशी यात्री

मेगास्थनीज 

यह यात्री यूनान देश से चंद्गगुप्त मौर्य के शासनकाल में आया था। इनकी प्रसिद्ध पुस्तक इंडिका है, जिसमें मौर्यकालीन शासन के बारे में लिखा गया है।

डाइमेकर

यह यात्री भी यूनान से आया था और बिंदुसार के शासनकाल में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। डाइमेकर सीरिया के राजा का राजदूत बनकर भारत आया था।

फाह्यान

यह यात्री चीन से चंद्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल में आया था। साथ ही, यह भारत आने वाला पहला बौद्ध भिक्षु था।

ह्वेनसांग

यह यात्री भी चीन से आया था और इसने हर्षवर्धन के शासनकाल में अपनी मौजदगी दर्ज कराई थी। इसे यात्रियों का राजुकमार भी कहा जाता है, जिसे सी-यू-की पुस्तक लिखी थी।

इत्सिंग

यह यात्री भी चीन से आया था, जिसने नालंदा विश्वविद्यालय में बौद्ध शिक्षा का विवरण दिया था।

मध्यकाल के विदेशी यात्री

अलबरूनी

अलबरूनी यात्री फारस से भारत में महमूद गजनवी के शासनकाल में आया था। इसके द्वारा लिखी गई किताब ‘किताब-उल-हिंद’ है। इस किताब को भारतीय संस्कृति का विश्वकोष माना जाता है।

इब्नबतूता

यह यात्री मोरक्को से मोहम्मद बिन तुगलक के शासन में भारत आया था और इसने ‘रिहला’ नामक पुस्तक लिखी थी। सुल्तान द्वारा इस यात्री को दिल्ली का काजी नियुक्त किया गया था।

मार्कोपोलो

मार्कोपोलो इटली से भारत आया था, जो कि पाण्ड्या राजा के समय भारत में था। इसने दक्षिण भारत के राजाओं और व्यापार का वर्णन किया था।

अब्दुल रज्जाक

यह यात्री फारस से आया था और इसने देवराय द्वितीय के राज्य विजयनगर की भव्यता का वर्णन किया है।

मुगल काल में आए विदेशी यात्री

विलियम हॉकिंस

यह यात्री इंग्लैंड से जहांगीर के दरबार में पहुंचा और भारत में व्यापार की अनुमति मांगी।

सर थॉमस रो

यह इंग्लैंड से जेम्स प्रथम का प्रतिनिधि बनकर आया और इसने जहांगीर के दरबार में व्यापार को लेकर संधि कर ली थी।

फ्रांस्बा बर्नियर

यह यात्री फ्रांस का एक चिकित्सक था, जिसने शाहजहां और औरंगजेब के शासनकाल में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। इसने ‘ट्रैवल्स इन द मुगल एम्पायर’ लिखी है।

निकोलो मनुची

यह यात्री इटली का था, जिसने औरंगजेब के शासनकाल में भारत का रूख किया और दाराशिकोह की सेना में तोपची का काम संभाला। इस यात्री ने ‘स्टोरियो डो मोगोर’ नामक पुस्तक लिखी है।

जीन बैप्टिस्ट टैवर्नियर

यह फ्रांस से औरंगेजेब के समय भारत आया एक जौहरी था, जिसने कोहिनूर से लेकर मुगलों के आभूषणों का वर्णन किया है। आपको बता दें कि टैवर्नियर ही व्यक्ति था, जिसने दुनिया को बताया था कि मुगलों के पास कोहिनूर और मयूर सिंहासन जैसी बेशकीमती चीजें थीं।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior content writer

A seasoned journalist with over 7 years of extensive experience across both print and digital media, skilled in crafting engaging and informative multimedia content for diverse audiences. His expertise lies in transforming complex ideas into clear, compelling narratives that resonate with readers across various platforms. At Jagran Josh, Kishan works as a Senior Content Writer (Multimedia Producer) in the GK section. He writes on national and international topics from a GK perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com

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First Published: May 17, 2026, 12:13 IST

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