Global Teacher Prize 2026: भारतीय शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और कलाकार रूबल नागी (Rouble Nagi) ने दुबई में आयोजित वर्ल्ड गवर्नमेंट्स समिट में $1 मिलियन का ग्लोबल टीचर प्राइज 2026 जीता। उन्हें 139 देशों से आए 5,000 से अधिक नामांकनों में से चुना गया। झुग्गियों और वंचित इलाकों को कला और शिक्षा के जरिए जीवंत लर्निंग स्पेस में बदलने के उनके अनोखे प्रयासों के लिए उन्हें यह अवार्ड दिया गया।
भारतीय शिक्षिका @ROUBLENAGI ने ग्लोबल टीचर प्राइज 2026 जीता है। दुबई में आयोजित #WorldGovernmentSummit में उन्हें 10 लाख डॉलर का पुरस्कार प्रदान किया गया। इस पुरस्कार को दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने प्रदान किया।#GlobalTeacherPrize2026 #Dubai pic.twitter.com/5GdBcp4ifF
— आकाशवाणी समाचार (@AIRNewsHindi) February 6, 2026
कौन है रूबल नागी?
1980 में जम्मू-कश्मीर में जन्मी रूबल नागी ने पॉलिटिकल साइंस में बी.ए. किया। इसके बाद उन्होंने लंदन के स्लेड स्कूल ऑफ फाइन आर्ट से फाइन आर्ट्स और सोथबीज़ लंदन से यूरोपीय कला का अध्ययन किया। विदेश में मिली कला शिक्षा ने उनके भीतर सामाजिक बदलाव की सोच विकसित की, जिसे उन्होंने भारत लौटकर शिक्षा और रचनात्मकता से जोड़ा और समाज के लिए सराहनीय कार्य को दिशा दी।
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800 से अधिक लर्निंग सेंटर की स्थापना:
रूबल नागी ने Rouble Nagi Art Foundation (RNAF) की स्थापना की और दो दशकों में भारत के 100+ गांवों व बस्तियों में 800 से अधिक लर्निंग सेंटर शुरू किए। उनका “Living Walls of Learning” कॉन्सेप्ट बेकार दीवारों को पढ़ाई के रंगीन माध्यम में बदल देता है, जहां साक्षरता, गणित, विज्ञान, स्वच्छता, पर्यावरण और सामाजिक मूल्यों की शिक्षा दी जाती है। ये खुले क्लासरूम बच्चों के साथ-साथ पूरे समुदाय को शिक्षा से जोड़ रहे हैं।
नागी के प्रयासों से ड्रॉपआउट दर में 50% से ज्यादा कमी आई है और बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ी है। रूबल नागी ने 600 से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित किया और उनके मॉडल से करीब 10 लाख बच्चों को औपचारिक शिक्षा से जोड़ा गया। कला, सफाई अभियान और सामुदायिक गतिविधियों के जरिए बच्चों में नेतृत्व, संवेदनशीलता और स्थिरता की भावना विकसित हुई है।
सम्मान और भविष्य की योजना
यह अवार्ड GEMS एजुकेशन और वार्की फाउंडेशन द्वारा UNESCO के सहयोग से दिया जाता है। रूबल नागी साल 2014 के बाद इसकी दसवीं विजेता बनीं। वे इस राशि से एक Skilling Institute शुरू करेंगी, जहां मुफ्त व्यावसायिक और डिजिटल शिक्षा प्रदान की जाएगी। एक प्रसिद्ध कलाकार के रूप में वे अब तक 850 से अधिक म्यूरल बना चुकी हैं और उन्हें कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं।
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Congratulations to Mumbai’s own social worker and educator, Rouble Nagi, on being conferred upon with the prestigious GEMS Education Global Teacher Prize 2026, ( with UNESCO and the Varkey Foundation) !
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) February 6, 2026
Rouble Nagi Art Foundation (RNAF) has created over 800 learning centres… pic.twitter.com/zOvCBSwxCY
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