हाल ही में रेलवे से जुड़ी एक बड़ी अपडेट सामने आई है, भारतीय रेलवे ने आधिकारिक तौर पर 18वें रेलवे ज़ोन “साउथ कोस्ट रेलवे (SCoR)” का ऐलान कर दिया है, जो रेलवे नेटवर्क को मजबूती प्रदान करेगा। इसका मुख्यालय विशाखापट्टनम (Visakhapatnam) में बनाया गया है। लंबे समय से आंध्र प्रदेश में अलग रेलवे ज़ोन की मांग उठ रही थी, जिसे अब केंद्र सरकार ने पूरा कर दिया है। हाल ही में जारी गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक यह नया ज़ोन 1 जून 2026 से पूरी तरह काम करना शुरू कर देगा।
क्या है साउथ कोस्ट रेलवे ज़ोन?
साउथ कोस्ट रेलवे भारतीय रेलवे का सबसे नया ज़ोन है। इसका संचालन मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश में होगा, लेकिन इसके कुछ हिस्से तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु तक भी फैले है।
यह ज़ोन सिर्फ यात्री सेवाओं के लिए ही नहीं, बल्कि माल ढुलाई के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है। शुरुआती अनुमानों के अनुसार इससे भारतीय रेलवे को हर साल करीब 13,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकता है।
कैसे हुई इस ज़ोन की शुरुआत?
इस रेलवे ज़ोन की कहानी आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 से शुरू होती है, जब तेलंगाना राज्य का गठन हुआ था। उसी समय से आंध्र प्रदेश में अलग रेलवे ज़ोन की मांग तेज हो गई थी।
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पहली बार इसकी घोषणा 2019 के रेल बजट में की गई।
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केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे 2019 में मंजूरी दी।
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जनवरी 2025 में प्रधानमंत्री ने इसके मुख्यालय की आधारशिला रखी।
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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने अप्रैल 2026 में गजट नोटिफिकेशन की पुष्टि की।
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अब यह ज़ोन 1 जून 2026 से आधिकारिक रूप से एक्टिव हो जाएगा।
कौन-कौन से डिवीजन है शामिल?
साउथ कोस्ट रेलवे ज़ोन में कुल चार बड़े डिवीजन शामिल किए गए हैं, जिनमें कुछ हिस्से ईस्ट कोस्ट रेलवे और साउथ सेंट्रल रेलवे से लिए गए हैं।
| डिवीजन | मूल ज़ोन | प्रमुख रूट | अनुमानित रूट किलोमीटर |
| विशाखापट्टनम | ईस्ट कोस्ट रेलवे | दुव्वाडा-विशाखापट्टनम - पलासा | 450 KM |
| विजयवाड़ा | साउथ सेंट्रल रेलवे | गुडूर-दुव्वाडा, विजयवाड़ा - मछलीपट्टनम | 956 KM |
| गुंटूर | साउथ सेंट्रल रेलवे | गुंटूर-विष्णुपुरम, गुंटूर - रेपल्ले | 630 KM |
| गुंटाकल | साउथ सेंट्रल रेलवे | गुंटाकल-रायचूर, गुंटाकल - धोने | 1,452 KM |
दक्षिण भारत के लिए क्यों अहम है यह ज़ोन?
दक्षिण भारत के लिए रेलवे के इस नए ज़ोन को काफी रणनीतिक माना जा रहा है। इससे विशाखापट्टनम और कृष्णापट्टनम जैसे बड़े बंदरगाहों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे माल ढुलाई तेज और आसान बनेगी।
इसके साथ ही रेलवे प्रशासन को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सकेगा। इलेक्ट्रिफिकेशन, लोको शेड और नई रेलवे सुविधाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे आंध्र प्रदेश के रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।
कब से शुरू होगा संचालन
हाल ही में मई 2026 में गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अब यह तय हो चुका है कि साउथ कोस्ट रेलवे 1 जून 2026 से पूरी तरह एक्टिव हो जाएगा।
विशाखापट्टनम जंक्शन और विजयवाड़ा जैसे बड़े स्टेशनों पर पहले से आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। रेलवे प्रशासन अब इस नए ज़ोन के संचालन और जिम्मेदारियों के हस्तांतरण की प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर रहा है।