इन दिनों LPG गैस की सप्लाई और इसके दाम चर्चाओं में हैं। क्योंकि, ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध की वजह से वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट खड़ा हो गया है। इसका सीधा असर LPG गैस की आपूर्ति पर भी पड़ा है। भारत की अधिकांश रसोइयों में एलपीजी गैस का इस्तेमाल किया जाता है।
हालांकि, जब भी गैस लीकेज होती है, तो हमें एक अजीब-सी गंध का अहसास होता है। इसके लिए गैस में Ethyl Mercaptan केमिकल को मिलाया जाता है। यह सुरक्षा कारणों की वजह से मिलाया जाता है, जिससे गैस लीकेज का पता चल सके। वहीं, एलपीजी गैस को प्रोपेन और ब्यूटेन के मिश्रण से बनाया जाता है।
इस तरह बनती है LPG गैस
जमीन के नीचे से जब कच्चा तेल या फिर प्राकृतिक गैस निकाली जाती हैं, तो उनके साथ अन्य गैसें भी निकलती हैं। इन गैसों को ठंडा कर अलग किया जाता है। वहीं, कई बार अधिक प्रेशर का भी इस्तेमाल किया जाता है। पूरी प्रक्रिया में सिर्फ 60 फीसदी गैस ही प्राप्त होती है, जबकि मिथेन गैस अलग हो जाती है। मिथेन अलग होने से प्रोपेन और ब्यूटेन गैस बचती है, जिन्हें मिक्स किया जाता है।
तेल से ऐसी बनती है गैस
कच्चे तेल को जब रिफाइनरी में गर्म किया जाता है, तो इससे अलग-अलग तापमान पर अलग-अलग गैसें निकलती हैं। इनमें सबसे हल्की गैसें प्रोपेन और ब्यूटेन होती हैं, जिसे इकट्ठा कर एलपीजी के लिए तैयार किया जाता है। वहीं, कच्चे तेल को रिफाइन कर पेट्रोल, डीजल और केरोसिन तैयार किया जाता है। हालांकि, यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में 50 फीसदी से भी कम गैस प्राप्त होती है।
इस तरह गैस को बनाया जाता है लिक्विड
गैस को लिक्विड बनाने के लिए इसे ठंडा किया जाता है। ऐसा करने पर गैस तरल अवस्था में आ जाती है। यह इसलिए किया जाता है, जिससे छोटे सिलेंडर में अधिक मात्रा में गैस को भरा जा सके। क्योंकि, यह यदि गैस अवस्था में रहेगी, तो सिलेंडर में यह अधिक मात्रा नहीं आ सकेगी।
सुरक्षा की वजह से मिलाई जाती है गंध
LPG गैस में मूलतः कोई गंध नहीं होती है। हालांकि, यह गैस बहुत ही ज्वलनशील होती है। ऐसे में लीकेज होने पर पता नहीं चलेगा कि गैस लीक है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। इसे देखते हुए गैस में Ethyl Mercaptan नाम का एक केमिकल मिलाया जाता है। इस केमिकल की मदद से ही हमें गैस में गंध का अहसास होता है। यह गंध एक सुरक्षा का काम करती है।
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