Ganga Expressway: सुबह हरिद्वार, शाम प्रयागराज! 724 KM का होगा सफर, जानें पूरा रूट
Ganga Expressway Prayagraj to Haridwar: अभी गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक 594 KM लंबा है। हरिद्वार तक विस्तार के बाद इसकी कुल लंबाई करीब 724 KM हो जाएगी। बता दें कि नए हिस्से में लगभग 100 किमी यूपी और 30 किमी उत्तराखंड में होगा।
Ganga Expressway Prayagraj-Haridwar: सोचिए, सुबह प्रयागराज से निकलें और हरिद्वार की ओर तेज रफ्तार से सफर करें। दो बड़े धार्मिक शहरों को जोड़ने वाला गंगा एक्सप्रेसवे अब हरिद्वार तक पहुंचने वाला है। यूपी की योगी सरकार ने इसे हरिद्वार तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसे एक ऐतिहासिक फैसले के रूप में देखा जा रहा है। करीब 130 किमी के नए एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 10761 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यानी अब दो कुंभ नगरियां के बीच का सफ़र आसान होने जा रहा है।
594 किमी से बढ़कर 724 किमी होगा गंगा एक्सप्रेसवे
अभी गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक 594 KM लंबा है। हरिद्वार तक विस्तार के बाद इसकी कुल लंबाई करीब 724 KM हो जाएगी। बता दें कि नए हिस्से में लगभग 100 किमी यूपी और 30 किमी उत्तराखंड में होगा। इस पूरे विस्तार का खर्च यूपी सरकार उठाएगी।
6 लेन का होगा नया एक्सप्रेसवे
हरिद्वार तक बनने वाला नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे 6 लेन का होगा। भविष्य में ट्रैफिक बढ़ने पर इसे 8 लेन तक बढ़ाने की भी व्यवस्था रहेगी।
इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 10761 करोड़ रुपये है। फिलहाल इसमें केंद्र सरकार की वित्तीय भागीदारी प्रस्तावित नहीं है और खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
मेरठ से बिजनौर होते हुए हरिद्वार पहुंचेगा एक्सप्रेसवे
नए एक्सप्रेसवे का प्रस्तावित रूट मेरठ-बिजनौर-हरिद्वार रहेगा। इससे बिजनौर और आसपास के इलाकों से हरिद्वार पहुंचना पहले के मुकाबले आसान और तेज हो सकेगा।
सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि प्रयागराज और हरिद्वार के बीच एक मजबूत एक्सप्रेसवे कॉरिडोर तैयार होगा। दोनों शहर धार्मिक पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं और यहां साल-भर बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं।
अभी कितना इंतजार करना होगा?
कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन सड़क बनने में अभी समय लगेगा। अगला बड़ा कदम DPR यानी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करना है। इसके बाद जमीन और निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाएं आगे बढ़ेंगी।
अभी बिजनौर से हरिद्वार जाने के लिए मुख्य रूप से मेरठ-बिजनौर-हरिद्वार NH-34 का इस्तेमाल होता है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद इस पूरे इलाके की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
दो कुंभ नगरियों को जोड़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे
हरिद्वार तक विस्तार पूरा होने के बाद गंगा एक्सप्रेसवे प्रयागराज और हरिद्वार यानी दोनों कुंभ नगरियों को एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ देगा। हालांकि, रूट को मंजूरी मिल गई है, लेकिन निर्माण और वास्तविक यात्रा समय की तस्वीर DPR और प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
कब हुआ था गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन?
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को यूपी के हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। अभी फ़िलहाल यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज से मेरठ तक संचालित है।
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