Pari Bishnoi Successful IAS Story: यूपीएससी को पास करने के तीन चरण होते हैं, जिसमें पहला प्री, दूसरा मेन्स और तीसरा इंटरव्यू शामिल है। इसके बाद वह आईएएस, आईपीएस और आईएफएस बनते हैं। परी बिश्नोई ऐसी ही एक आईएएस है, जिन्होंने सिविल सेवा की परीक्षा में 70 रैंक हासिल कर कीर्तिमान रचने का काम किया।
राजस्थान की रहने वाली है परी
परी बिश्नोई का जन्म राजस्थान के बीकानेर जिले में हुआ। अगर हम उनकी पढ़ाई की बात करें, तो उन्होंने अपनी स्कूल शिक्षा सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल से पूरी की। ग्रेजुएशन के लिए परी ने दिल्ली विश्विद्यालय के इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज को चुना और वहां से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की।
परी बैंक एग्जाम में हो चुकी थी फेल
परी ने ग्रेजुएशन के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना शुरू कर दिया। साल 2017 में उन्होंने बैंक पीओ और आईबीपीएस समेत कई एग्जाम दिए, जिसमें वह पास नहीं हो सकी। पर उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी गलतियों से सीखती रहीं और आगे बढ़ती रहीं।
परी बिश्नोई तीसरी बार में बनीं IAS
इन परीक्षाओं के बाद परी ने पहली बार सिविल सेवा की परीक्षा दी। दो बार वह फेल हो चुकी थी, लेकिन नामुमकिन शब्द तो उनकी डिक्शनरी में थी ही नहीं जैसे। तीसरी बार में जैसे ही यूपीएससी का एग्जाम दिया। वह सफल हो गई। 30 रैंक के साथ वह IAS बन गई।
आईएएस परी बिश्नोई का परिवार
आईएएस परी बिश्नोई के पिता का नाम मनीराम बिश्नोई है। वह पेशे से एक वकील है। उनकी मां का नाम सुशीला बिश्नोई है, जो GRP थानाधिकारी है। परी बिश्नोई की शादी हो चुकी है। उनके पति का नाम भव्य बिश्नोई है, जो बीजेपी विधायक रह चुके हैं।
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