अगर हम NCERT के बारे में बात करें, तो यह शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के तहत एक स्वायत्त संगठन है, जो भारतीय शिक्षा क्षेत्र में किताबों, रिसर्च और शैक्षिक मटेरियल को पब्लिश करने का काम करती है। इसके अलावा यह टीचर और शैक्षिक नीति बनाने वाले को रिसर्च करने का प्लेटफॉर्म भी प्रदान करती है।
साल 1961 में हुई NCERT की स्थापना
देश की स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा साल 1961 NCERT की स्थापना की गई थी। NCERT से पहले भारत के अलग-अलग राज्यों में शिक्षा में सुधार करने के लिए अलग-अलग नीतियां बनाई जाती था और जगह-जगह कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता था। हालांकि, इसके बाद एक केंद्रीकृत संस्था बनाने की आवश्यकता पड़ी।
NCERT का मुख्यालय कहां है?
NCERT का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है और इसके क्षेत्रीय कार्यालय देश में अलग-अलग जगहों पर मौजूद है। इसके साथ कई मान्यता प्राप्त संस्थान भी जुड़े हुए हैं। इनमें राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (NIEPA), केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (CIET) और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE)आदि शामिल हैं।
NCERT स्थापित करने का उद्देश्य
NCERT की स्थापना इसलिए की गई थी, ताकि देश का अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराई जा सकें। टीचर और शिक्षा नीति निर्माणकर्ताओं को उनकी नॉलेज और स्किल के आधार पर रिसर्च के लिए एक प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जा सकें। शिक्षा मंत्रालय को स्कूली शिक्षा से जुड़े मामलों के बारे में अवगत कराया जा सकें।
डॉ. दिनेश प्रसाद है NCERT के निदेशक
NCERT के निदेशक का नाम डॉ. दिनेश प्रसाद सकलानी है। यह सॉल्यूशन, बुक्स, सिलेबस, प्रशन पत्र, एक्सेम्पलर्स, मॉडल प्रश्न पत्र, ऑनलाइन नॉट्स, नॉन प्रिंट मटेरियल, और ई-बुक्स उपलब्ध कराती है। ई-बुक्स आपको दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मिजोरम, और मणिपुर आदि राज्य से मिल सकती है।
NCERT की फुल फॉर्म
NCERT की फुल फॉर्म National Council of Educational Research and Training है, जिसे हिंदी में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद कहा जाता है। आपको हम जानकारी के लिए बता दें कि NCERT की किताबें सीबीएसई सहित कई अन्य महत्वपूर्ण बोर्ड के लिए काफी जरूरी मानी जाती है।
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