PM मोदी का भाषण कौन लिखता है, कितना आता है खर्च, जानें यहां
एक प्रधानमंत्री का शेड्यूल बहुत ही व्यस्त होता है। पीएम नरेंद्र मोदी समय-समय पर राजनीतिक तौर पर कई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में शामिल होने के साथ देश में भी अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। ऐसे में सवाल है कि पीएम का भाषण कौन लिखता है, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले के प्राचीर से देश को संबोधित किया है। उन्होंने अपने भाषण में महिलाओं के आरक्षण से लेकर एआई स्किल ट्रेनिंग पर जोर देते हुए युवाओं को भी फोकस में रखा है। साथ ही, आने वाले समय में भारत में कई सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित करने की बात भी कही है। एक प्रधानमंत्री का शेड्यूल बहुत ही व्यस्त रहता है। ऐसे में सवाल है कि पीएम का भाषण कौन लिखता है और इस पर कितना खर्च आता है, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
दायर की गई थी RTI
पीएम मोदी के भाषण को लेकर बीते वर्षों में एक समाचार चैनल द्वारा आरटीआई डाली गई थी, जिसमें उन लोगों की संख्या के बारे में जानकारी मांगी गई थी, जो कि पीएम के भाषण लिखने में सहयोग करते हैं। इसके साथ ही आरटीआई में भाषण लिखने में आने वाले खर्च और भाषण लिखने वाले लोगों को मिलने वाली राशि के बारे में भी जानकारी मांगी गई थी।
किसने दिया जवाब
आरटीआई के जवाब में प्रधानमंत्री कार्यालय(PMO) की ओर से जवाब दिया गया है। हालांकि, इस जवाब में भाषण लिखने पर आने वाले खर्च के बारे में जानकारी नहीं दी गई है, बल्कि यह बताया गया है कि भाषण किस प्रकार तैयार किया जाता है।
कौन लिखता है पीएम का भाषण
पीएमओ ने आरटीआई के जवाब में कहा कि इवेंट की प्रकृति के आधार पर यानी किस प्रकार का इवेंट है, उसके आधार पर विभिन्न व्यक्ति, अधिकारी, विभाग, संस्थाएं व संगठन पीएम के भाषण के लिए इनपुट्स प्रदान करते हैं। इसके बाद पीएम द्वारा इन इनपुट्स को आधार बनाकर भाषण का अंतिम रूप तैयार किया जाता है।
PMO से मिली यह भी जानकारी
पीएमओ ने आरटीआई का जवाब देते हुए कहा था कि भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के समय से लेकर आज तक पीएम का भाषण तैयार करने के लिए पार्टी यूनिट्स, मंत्रालय, विषय विशेषज्ञ और पीएम की निजी टीम भी इनपुट्स देते हैं, जिसका सिलसिला आज भी जारी है।
भाषण को नेहरू देते थे बहुत समय
ऐसा कहा जाता है कि जब पंडित जवाहरलाल नेहरू अपना भाषण तैयार करते थे, तो वह बहुत समय लिया करते थे और इसके बाद भाषष देते थे। हालांकि, मोदी अपने भाषण को अंतिम रूप देने में कितना समय लेते हैं, इस बात की जानकारी अभी तक नहीं है।
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