हाल ही में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा लॉन्च की गई ‘भारत टैक्सी’ योजना एक सहकारी (cooperative) मॉडल पर आधारित नई कैब सेवा है, जो ड्राइवरों को सिर्फ कर्मचारी नहीं बल्कि कंपनी का हिस्सेदार बनाने की पहल करती है। यह मॉडल निजी कंपनियों जैसे ओला और उबर को चुनौती देने के उद्देश्य से लाया गया है। नीचे इसे 6 सबहेड्स के साथ सरल और विस्तार से समझाया गया है।
क्या है भारत टैक्सी?
भारत टैक्सी एक सरकारी समर्थित सहकारी कैब सेवा है, जिसमें ड्राइवरों को कंपनी का को-ओनर बनने का अवसर मिलता है। इसका मुख्य उद्देश्य ड्राइवरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में शामिल करना है, ताकि वे सिर्फ कमाई ही नहीं बल्कि स्वामित्व का भी अनुभव कर सकें।
500 रुपये में को-ओनर बनने का मौका
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि ड्राइवर केवल 500 रुपये का निवेश करके कंपनी के सदस्य बन सकते हैं। इस छोटी राशि के साथ वे कंपनी में हिस्सेदारी प्राप्त करते हैं और आगे चलकर मुनाफे में भागीदार बनते हैं।
मुनाफा बांटने का अनोखा मॉडल
बता दें कि भारत टैक्सी में आय का वितरण पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। कुल कमाई का 80% हिस्सा सीधे ड्राइवरों (सारथियों) को मिलेगा, जबकि 20% राशि कंपनी के विकास के लिए रखी जाएगी। शुरुआती तीन साल विस्तार में निवेश होंगे, उसके बाद मुनाफे का 80% ड्राइवरों में बांटा जाएगा।
‘सारथी दीदी’ पहल से
इस योजना में महिला ड्राइवरों के लिए ‘सारथी दीदी’ नाम से विशेष व्यवस्था की गई है। इससे महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और महिला यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का विकल्प भी मिलेगा। भविष्य में ऐप पर महिला ड्राइवर को प्राथमिकता देने का फीचर भी जोड़ा जाएगा।
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में ड्राइवरों की भागीदारी
भारत टैक्सी में ड्राइवर केवल काम ही नहीं करेंगे, बल्कि वे कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में भी शामिल हो सकेंगे। कुछ सीटें विशेष रूप से सारथियों के लिए आरक्षित होंगी, जिससे वे अपने हितों का प्रतिनिधित्व कर सकें।
ऐप से डायरेक्ट रजिस्ट्रेशन की सुविधा
ड्राइवर भारत टैक्सी ऐप के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, जिसमें OTP वेरिफिकेशन, डॉक्यूमेंट अपलोड और पुलिस जांच शामिल है। किराया पूरी तरह पारदर्शी रहेगा और स्थानीय परिवहन प्राधिकरण द्वारा तय किया जाएगा, जिससे सर्ज प्राइसिंग या छिपे हुए चार्ज की समस्या नहीं होगी।
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