उत्तर प्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है, जो कि अपनी विविध संस्कृति और अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां का समृद्ध और गौरवशाली इतिहास इसे भारत के अन्य राज्यों से अलग बनाता है।
राज्य के प्रत्येक जिले की अपनी विशेषता है। आपने प्रदेश के अलग-अलग जिलों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में किस जिले को ‘Jacket City’ के नाम से भी जाना जाता है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
उत्तर प्रदेश का परिचय
उत्तर प्रदेश राज्य का गठन 24 जनवरी, 1950 को किया गया था। इससे पहले इसे संयुक्त प्रांत नाम से जाना जाता था, जो कि अंग्रेजों द्वारा दिया गया नाम था। इस नाम से पहले यहां अवध और आगरा सूबा हुआ करता था, जिसकी कमान मुगलों के हाथ में थी।
हालांकि, अतीत के पन्नों को थोड़ा और पलटें, तो यहां शर्कियों का शासन रहा था, जिन्होंने यहां जौनपुर शहर को बसाया था। इससे पहले यहां पांचाल और कौसल साम्राज्य हुआ करता था।
सबसे बड़ा और सबसे छोटा जिला
उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला लखीमपुर खीरी है, जो कि 7246 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। वहीं, प्रदेश का सबसे छोटा जिला हापुड़ है। यह जिला कुल 660 वर्ग किलोमीटर में है, जो कि पापड़ के शहर के रूप में भी जाना जाता है।
उत्तर प्रदेश के चार दिशाओं के चार जिले
उत्तर प्रदेश का सबसे पूर्वी जिला बलिया है। वहीं, सबसे उत्तरी जिला सहारनपुर है, तो सबसे दक्षिणी जिला सोनभद्र है। सबसे पश्चिमी जिले की बात करें, तो यह शामली है।
उत्तर प्रदेश में ‘Jacket City’ कौन-सी है
अब हम यह जान लेते हैं कि उत्तर प्रदेश में ‘Jacket City’ कौन-सी है। आपको बता दें कि प्रदेश में बरेली जिले को ‘Jacket City’ के रूप में भी जाना जाता है।
क्यों कहा जाता है ‘Jacket City’
अब सवाल है कि आखिर बरेली जिले को ‘Jacket City’ क्यों कहा जाता है। इसका जवाब है कि बीते वर्षों से बरेली जिले को जरदोजी और फर्नीचर के लिए जाना जाता है, लेकिन बीते कुछ वर्षों में यहां जैकेट उद्योग ने पहचान बनाई है। यहां बनने वाली जैकेट भारत के विभिन्न राज्यों में भेजा जाता है।
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