UGC Bill 2026 in Hindi: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने भारतीय यूनिवर्सिटी में निष्पक्षता और समान व्यवहार को बनाए रखने के लिए अधिनियम 2026 लागू किया है। इन नए नियमों का उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और कार्यरत कर्मचारियों को शिक्षा परिसरों में भेदभाव को समाप्त करना, सुरक्षित और सम्मानित महसूस कराना है। नए नियमों में जातिगत भेदभाव को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। आगे लेख में जानें यूजीसी के कार्य और नए नियम में किए गए बदलावों के बारे में।
UGC की फुल फॉर्म क्या है?
यूजीसी की फुल फॉर्म विश्वविद्यालय अनुदान आयोग है, जिसे इंग्लिश में University Grants Commission कहा जाता है। यूजीसी की स्थापना 1956 में भारतीय विश्विद्यालयों में एकसमान और व्यवस्थित विकास को सुनिश्चित करने के लिए की गई थी। इसका मुख्यालय देश की राजधानी दिल्ली में मौजूद है। यूजीसी में एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त 10 सदस्य शामिल होते हैं।
यूजीसी के कार्य -इसके मुख्य कार्यों में अनुदान आवंटन, शैक्षणिक मानकों को बनाए रखना और उच्च शिक्षा सुधारों पर सलाह देना है। प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:
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विश्वविद्यालयों को अनुदान आवंटित करना
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उच्च शिक्षा सुधारों पर सलाह देना
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उच्च शिक्षा में गुणवत्ता व मानकों को बढ़ावा देना शामिल हैं।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नए नियम क्या हैं?
सरकार नें विश्वविद्यालयों में आरक्षित वर्ग के छात्रों के लिए जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए यूजीसी के नए नियमों को पेश किया है। इन नियमों के अनुसार, सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए एक समिति या Equal Opportunity Centre (EOC) बनाना अनिवार्य होगा।
यूजीसी के इक्विटी नियम क्या हैं?
उच्च शिक्षा संस्थानों को समानता विनियमों के तहत एक समान अवसर प्रदान करना है। यह नियम विश्वविद्यालयों में भेदभाव से संबंधित मामलों में समर्थन और सुधार की दिशा में काम करेगा। सरकार ने कहा है कि समानता विनियमों में सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए एक नया प्रावधान जोड़ा जाएगा ताकि उनकी शिकायतों और आरोपों का भी समाधान किया जा सके।
आसानी से समझने के लिए उम्मीदवार नीचे दिए गए नए नियमों को टेबल को देख सकते हैं:
| यूजीसी के नए नियम के तहत |
| छात्रों के लिए 24×7 हेल्पलाइन उपलब्ध |
| ऑनलाइन शिकायत पोर्टल |
| तय समय-सीमा में अनिवार्य कार्रवाई का प्रावधान |
| संस्थानों में इक्विटी एंबेसडर, जिनका काम जागरूकता फैलाना, निगरानी रखना और रिपोर्टिंग करना |
| नए नियमों में भेदभाव की परिभाषा को अधिक व्यापक बनाया गया है |
| दंडात्मक प्रावधान और जवाबदेही |
संस्थान नियमों का पालन नहीं करते तो क्या होगा?
यूजीसी के नए नियमों के अनुसार, यदि कोई संस्थान इन नियमों का पालन नहीं करता है, तो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को यह अधिकार है कि UGC अनुदान रोक सकता है अथवा उसकी मान्यता निलंबित या रद्द भी कर सकता है।
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