Edible Oil Imports: दुनिया में खाने के तेल का सबसे बड़ा आयातक देश कौन? जानें नाम
भारत दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य तेल आयातक देश है। भारत अपनी जरूरत का आधे से ज्यादा खाने का तेल आयात करता है। देश मुख्य रूप से इंडोनेशिया और मलेशिया से पाम ऑयल मंगाता है, जबकि सोयाबीन और सूरजमुखी तेल का आयात अर्जेंटीना और यूक्रेन से किया जाता है।
भारत में खाद्य तेलों का आयात 2025-26 तेल वर्ष (नवंबर-अप्रैल) के पहले छह महीनों में 13 प्रतिशत बढ़कर 7.94 मिलियन टन हो गया है। उद्योग संगठन Solvent Extractors' Association of India (SEA) के अनुसार, इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह पाम ऑयल के आयात में तेज उछाल रही। पिछले साल इसी अवधि में देश ने 7.04 मिलियन टन खाद्य तेल आयात किया था। भारत दुनिया के सबसे बड़े खाद्य तेल उपभोक्ता देशों में शामिल है।
आयात मूल्य में भी बड़ा उछाल
केवल आयात की मात्रा ही नहीं, बल्कि इसकी कुल कीमत में भी वृद्धि दर्ज की गई। नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के दौरान वनस्पति तेल आयात का कुल मूल्य करीब 19 प्रतिशत बढ़कर 87,000 करोड़ रुपये पहुंच गया। बढ़ती घरेलू मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव का असर आयात बिल पर साफ दिखाई दिया।
पाम ऑयल बना सबसे बड़ा आयातित तेल
भारत के कुल खाद्य तेल आयात में पाम ऑयल की हिस्सेदारी लगभग 59 प्रतिशत रही। इसका अधिकांश आयात इंडोनेशिया और मलेशिया से किया गया। इसके अलावा सोयाबीन तेल के लिए अर्जेंटीना और ब्राजील प्रमुख सप्लायर रहे, जबकि सनफ्लावर ऑयल की आपूर्ति रूस और यूक्रेन से हुई।
साल 2025-26 के प्रमुख खाद्य तेल आयातक देश
1. भारत पहले टॉप पर: भारत दुनिया के सबसे बड़े खाद्य तेल आयातकों में शामिल है। देश मुख्य रूप से इंडोनेशिया और मलेशिया से पाम ऑयल आयात करता है।
2. चीन: चीन खाद्य तेल का दूसरा सबसे बड़ा आयातक देश है। वहां मुख्य रूप से रिफाइंड पाम ऑयल और रेपसीड ऑयल का आयात किया जाता है।
3. अमेरिका खुद खाद्य तेल उत्पादक होने के बावजूद बड़े आयातक देशों में शामिल है। वहां बायोफ्यूल उद्योग और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में बढ़ती मांग के कारण खाद्य तेलों का आयात लगातार बढ़ रहा है।
सरकार ने घटाई आयात शुल्क दरें
महंगाई को नियंत्रित करने और घरेलू बाजार में खाद्य तेल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने मई 2025 में कच्चे खाद्य तेलों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी घटाकर 10 प्रतिशत कर दी थी। इसके बाद प्रभावी आयात शुल्क 16.5 प्रतिशत रह गया। सरकार ने कच्चे पाम, सोयाबीन और सूरजमुखी तेल पर शुल्क कम किया, जबकि रिफाइंड तेलों पर अधिक शुल्क बरकरार रखा गया ताकि घरेलू रिफाइनिंग उद्योग को बढ़ावा मिल सके।
भारत में कितने मिलियन टन खाद्य तेल का आयात
भारत अपनी कुल खाद्य तेल जरूरतों का 56-57 प्रतिशत हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। देश में हर साल करीब 15-16 मिलियन टन खाद्य तेल आयात किया जाता है। साथ ही बता दें कि देश अपनी कुल जरूरत का केवल लगभग 44 प्रतिशत उत्पादन ही खुद कर पा रहा है।
खाद्य तेल स्टॉक में भी हुई बढ़ोतरी
SEA के आंकड़ों के मुताबिक मई 2026 में भारत का कुल वनस्पति तेल स्टॉक बढ़कर 2.12 मिलियन टन पहुंच गया, जो मई 2025 में 1.35 मिलियन टन था। दिसंबर 2025 से पाइपलाइन स्टॉक में लगातार वृद्धि देखी गई, जिससे संकेत मिलता है कि तेल वर्ष की दूसरी छमाही में आपूर्ति की स्थिति पहले से बेहतर रह सकती है। हालांकि अप्रैल 2026 में क्रूड पाम ऑयल (CPO) का आयात मार्च के 6.73 लाख टन से घटकर 5.10 लाख टन रह गया।
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