पावर सब-स्टेशन में क्यों बिछे होते हैं पत्थर, जानें इसके पीछे की इंजीनियरिंग

Last Updated: Feb 17, 2026, 11:59 IST

आपने अपने आस-पास पावर सब-स्टेशन देखा होगा। इन स्टेशन में आपने जमीन पर पत्थरों को बिछा हुआ जरूर देखा होगा। हालांकि, क्या आप इसके पीछे का कारण जानते हैं? आखिर क्या वजह है, जो सब-स्टेशन में जमीन पर पत्थरों को बिछाया जाता है, जानने के लिए यह लेख पढ़ें। 

पावर सब-स्टेशन में क्यों होते हैं पत्थर ?
पावर सब-स्टेशन में क्यों होते हैं पत्थर ?

हमारे घरों में जो बिजली आ रही है, वह सीधे पावर स्टेशन से नहीं आ रही है। बल्कि, पावर स्टेशन से इस बिजली को उत्पादित करने के बाद सब-स्टेशन में सप्लाई किया जाता है। यहां से बिजली को मांग के अनुरूप ट्रांसफॉर्मर और ट्रांसफॉर्मर से बिजली को सीधे घरों में पहुंचाया जाता है।

आपने अपने घर के आसपास पावर सब-स्टेशन देखे होंगे, जहां अक्सर जमीन पर पत्थरों को बिछा हुआ भी देखा होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि पावर सब-स्टेशन में आखिर छोटे-छोटे पत्थरों को क्यों बिछाया जाता है?

यदि आप नहीं जानते हैं, तो आपको बता दें कि इसके पीछे इंजीनियरिंग और सुरक्षा के कुछ ठोस कारण होते हैं, जिस वजह से पत्थरों को बिछाया जाता है। क्या हैं वे कारण, जानने के लिए यह लेख पढ़ें। 

किस तरह के बिछे होते हैं पत्थर

पावर सब-स्टेशन में जमीन पर छोटे-छोटे पत्थरों को बिछाया जाता है। ये पत्थर Gravel या Crushed Stones होते हैं। इन पत्थरों को एक मोटी परत के तौर पर एक समान स्तर पर पूरे पावर सब-स्टेशन में बिछाया जाता है।

पत्थर बिछे होने के क्या हैं कारण 

पावर सब स्टेशन में पत्थर बिछे होने के अलग-अलग ठोस कारण हैं, जो कि इस प्रकार हैंः

स्टेप पोटेंशिलयल में करता है मदद 

पावर सब-स्टेशन में यदि कोई फॉल्ट हुआ, तो करंट तेजी से जमीन पर फैलने का खतरा होता है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति वहां खड़ा हुआ, तो उसके दोनों पैरों के बीच वोल्टेज का अंतर पैदा हो सकता है, जिससे व्यक्ति को जोर से झटका लग सकता है। वहीं, पत्थर बिजली के लिए एक इंसुलेटर का काम करते हैं। यह जमीन पर व्यक्ति के पैरों के बीच गतिरोध पैदा करता हैं, जिससे व्यक्ति को करंट नहीं लगता है।

आग से सुरक्षा के लिए उपयोगी 

पावर सब-स्टेशन में बड़े-बड़े ट्रासफॉर्मर लगे होते हैं, जिनमें इंसुलेटिंग तेल भरा होता है। यदि ट्रांसफॉर्मर में कोई धमाका होता है, तो तेल जमीन पर नहीं फैलता है, बल्कि पत्थर तेल को सोख लेते हैं। साथ ही, ऑक्सीजन की सप्लाई को भी कम कर देते हैं। 

sub-station

पानी से शॉट सर्किट का खतरा कम

बारिश के मौसम में सब-स्टेशन में पानी से कीचड़ और जलजमाव की आशंका रहती है। ऐसे में यहां पानी से शॉट सर्किट होने या करंट फैलने का खतरा रहता है। वहीं, पत्थरों की वजह से पानी जमा नहीं होता है, बल्कि पत्थरों के बीच बने अंतर से यह जमीन द्वारा सोख लिया जाता है। इससे ऊपरी सतह पर जलजमाव नहीं होता है। 

वनस्पति पर लगाता है रोक

पत्थर होने की वजह से सब-स्टेशन में घास या फिर पेड़ नहीं उगते हैं। क्योंकि, ये बढ़ने पर तारों के संपर्क में आने पर शॉट सर्किट की वजह से आग का कारण बन सकते हैं। वहीं, पत्थरों से सब-स्टेशन एरिया में चूहे और सांप नहीं पहुंचते हैं, जिनसे स्टेशन को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है।

कंपन को कम करते हैं पत्थर

सब-स्टेशन में बड़े-बड़े ट्रांसफॉर्मर लगे होते हैं, जो कि चलते समय अधिक आवाज और कंपन पैदा करते हैं। पत्थर बिछे होने की वजह से आवाज और कंपन पत्थरों द्वारा सोख लिया जाता है, जिससे मिट्टी पर भी कम दबाव पड़ता है। 

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior content writer

A seasoned journalist with over 7 years of extensive experience across both print and digital media, skilled in crafting engaging and informative multimedia content for diverse audiences. His expertise lies in transforming complex ideas into clear, compelling narratives that resonate with readers across various platforms. At Jagran Josh, Kishan works as a Senior Content Writer (Multimedia Producer) in the GK section. He writes on national and international topics from a GK perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com

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