भारत के वह PM, जिनके नाम है लाल किले पर सबसे अधिक तिरंगा फहराने का रिकॉर्ड
देश को आजाद हुए कुल 80 साल हो गए हैं। इस कड़ी में लाल किले के प्राचीर पर अलग-अलग प्रधानमंत्रियों ने तिरंगा फहराया है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे।
देश को आजाद हुए कुल 80 साल हो गए हैं। इस कड़ी में दिल्ली के लाल किले पर अलग-अलग प्रधानमंत्रियों द्वारा तिरंगा फहराया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार 13वीं बार लाल किले से राष्ट्रीय ध्वज फहराया है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि लाल किले से सबसे अधिक बार तिरंगा फहराने का रिकॉर्ड किसके नाम है? यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
सबसे अधिक बार किसने फहराया है तिरंगा
लाल किले के प्राचीर से सबसे अधिक बार तिरंगा फहराने का रिकॉर्ड भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के नाम है। उन्होंने कुल 17 बार लाल किले से राष्ट्रीय ध्वज फहराया है। नेहरू ने 1947 से 1963 तक लगातार हर साल 15 अगस्त को लाल किले पर ध्वजारोहण किया था। हालांकि, यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि 15 अगस्त 1947 को मुख्य समारोह 'कॉन्स्टिट्यूशन हाउस' के पास हुआ था। नेहरू ने लाल किले पर पहली बार 16 अगस्त 1947 को झंडा फहराया था।
दूसरे नंबर पर आता है इन पीएम का नाम
लाल किले पर सबसे अधिक बार तिरंगा फहराने के रिकॉर्ड में दूसरा स्थान देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का है। उन्होंने दो अलग-अलग कार्यकालों में कुल 16 बार तिरंगा फहराया है। इंदिरा गाधी ने अपने पहले कार्यकाल (1966 से 1976) में लगातार 11 बार और दूसरे कार्यकाल (1980 से 1984) में 5 बार तिरंगा फहराया है।
तीसरे नंबर पर है इन पीएम का नाम
आपको बता दें कि लाल किले पर सबसे अधिक तिरंगा फहराने के रिकॉर्ड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम तीसरे स्थान पर है। मोदी ने लाल किले पर कुल 13 बार तिरंगा फहराया है। उन्होंने 2014 से 2026 तक लगातार 13 बार 15 अगस्त पर लाल किले से तिरंगा फहराया है। वहीं, गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्रियों में सबसे अधिक बार तिरंगा फहराने का रिकॉर्ड उन्हीं के नाम दर्ज है।
चौथे नंबर पर आता है इन पीएम का नाम
यूपीए (UPA) सरकार के दौरान 2004 से 2013 तक लगातार 10 बार स्वतंत्रता दिवस पर डॉ. मनमोहन सिंह ने लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा फहराकर देश को संबोधित किया है।
इन प्रधानमंत्रियों का है इतना रिकॉर्ड
-अटल बिहारी वाजपेयी: 6 बार (1998 से 2003 तक)
-राजीव गांधी: 5 बार (1985 से 1989 तक)
-पी. वी. नरसिम्हा राव: 5 बार (1991 से 1995 तक)
-लाल बहादुर शास्त्री: 2 बार (1964 और 1965)
-मोरारजी देसाई: 2 बार (1977 और 1978)
-चौधरी चरण सिंह: 1 बार (1979)
-विश्वनाथ प्रताप सिंह: 1 बार (1990)
-एच. डी. देवेगौड़ा: 1 बार (1996)
-इंद्र कुमार गुजराल: 1 बार (1997)
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