Rajya Sabha Election 2026: भारत में कैसे होते हैं राज्यसभा चुनाव और कौन कर सकता है वोट, यहां जानें

Last Updated: Feb 18, 2026, 17:19 IST

भारत में राज्यसभा चुनाव में जनता द्वारा वोटिंग नहीं होती है, बल्कि इसमें राज्य के विधानसभा सदस्यों द्वारा वोटिंग की जाती है। हर दो साल में एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं। खाली सीटों को भरने के लिए चुनाव कराए जाते हैं। 

राज्यसभा में चुनाव कैसे होता है
राज्यसभा में चुनाव कैसे होता है

भारत में राज्यसभा संसद का ऊपरी सदन होता है, जिसे हमें Upper house के नाम से जानते हैं। भारत में राज्यसभा में हर दो साल में एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं। ऐसे में इन खाली सीटों को भरने के लिए चुनाव कराए जाते हैं।

हालांकि, इस चुनाव में लोकसभा की तरह सीधे जनता द्वारा सांसदों को नहीं चुना जाता है, बल्कि इसमें राज्य की विधानसभाओं का अहम किरदार होता है। विधानसभा सदस्य उम्मीदवारों को वोट देकर राज्यसभा तक पहुंचाते हैं। हालांकि, यहां सभी विधानसभा सदस्यों के पास वोटिंग का अधिकार नहीं होता है। क्या है इसके पीछे की पूरी कहानी और प्रक्रिया, जानने के लिए यह लेख पढ़ें। 

कैसे होता है राज्यसभा चुनाव 

राज्यसभा चुनाव में विधानसभा सदस्यों द्वारा ही वोटिंग की जाती है। इसके लिए सभी राज्यों की विधानसभा और केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर के विधानसभा सदस्यों द्वारा भी वोटिंग की जाती है। हालांकि, यह चुनाव, चुनाव आयोग द्वारा कराए जाते हैं, जिसे लेकर पूरा शेड्यूल जारी किया जाता है।

कौन दे सकता है वोट 

राज्यसभा सदस्यों के लिए वोट करने का अधिकार सिर्फ विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों के पास होता है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इस चुनाव में विधानसभा के मनोनित सदस्य और विधान परिषद के सदस्य मतदान नहीं कर सकते हैं।

क्या होती है चुनाव की प्रक्रिया 

राज्यसभा चुनाव अप्रत्यक्ष चुनाव होता है, जिसमें एक हंस्तारणीय वोट प्रणाली अपनाई जाती है। इसमें विधायक उम्मीदवार को मतपत्र के माध्यम से अपने अनुसार 1,2 या 3 रैकिंग प्रदान करते हैं। आपको बता दें कि साल 2003 के बाद से विधायक को अपना वोट डालने के बाद अपनी पार्टी के एजेंट को दिखाना होता है, जो कि ओपन बैलेट की व्यवस्था के तहत लागू है। हालांकि, यहां निर्दलीय विधायक को ऐसा नहीं करना होता है।

कैसे होती है जीत सुनिश्चित

राज्यसभा उम्मीदवार को सांसद सदस्य बनने के लिए एक निश्चित संख्या में वोटिंग चाहिए होती है, जिसे कोटा कहते हैं। इसका एक फॉर्मूला होता हैः 

  कुल विधायकों की संख्या

(—-----------------------------)  + 1

    खाली सीटों की संख्या + 1

कितना लंबा होता है कार्यकाल

लोकसभा की तुलना में राज्यसभा का कार्यकाल लंबा होता है। लोकसभा में जहां एक सांसद का कार्यकाल 5 साल का होता है, तो दूसरी तरफ राज्यसभा का कार्यकाल 6 साल का होता है। हालांकि, यहां प्रत्येक 2 साल में एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं।

राज्यसभा में कुल कितने सदस्य होते हैं?

राज्यसभा में अधिकतम सदस्यों की संख्या 250 तक हो सकती है। वर्तमान में सदस्यों की संख्या 245 है। इसमें 225 राज्यों से हैं, तो 8 केंद्र शासित प्रदेशों से हैं। वहीं, 12 सदस्यों को राष्ट्रपति द्वारा मनोनित किया जाता है, जो कि कला, विज्ञान, साहित्य और समाज सेवा क्षेत्र से होते हैं। 

Quick Fact: राज्यसभा संसद का स्थायी सदन होता है, जिसे कभी भंग नहीं किया जा सकता है, जबकि लोकसभा अस्थायी सदन होता है, जिसे भंग किया जा सकता है।

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior content writer

A seasoned journalist with over 7 years of extensive experience across both print and digital media, skilled in crafting engaging and informative multimedia content for diverse audiences. His expertise lies in transforming complex ideas into clear, compelling narratives that resonate with readers across various platforms. At Jagran Josh, Kishan works as a Senior Content Writer (Multimedia Producer) in the GK section. He writes on national and international topics from a GK perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com

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