दुनिया का सबसे पुराना होटल,1300 साल से आज भी दे रहा है अपनी सेवाएं
दुनिया का सबसे पुराना होटल जापान में मौजूद है, जो कि बीते 1300 सालों से लगातार मेहमानों की सेवा कर रहा है। इसे लेकर गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी नाम दर्ज किया जा चुका है। इस लेख में हम इस बारे में विस्तार से जानेंगे।
आपने दुनिया में अलग-अलग होटलों के बारे में सुना या पढ़ा होगा। हालांकि, यदि दुनिया के सबसे पुराने होटल की बात करें, तो वह जापान में मौजूद है। यह होटल बीते 1300 सालों से लगातार अपने मेहमानों की सेवा कर रहा है। इस वजह से इसका नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज किया गया है। इसे आधिकारिक तौर पर दुनिया के सबसे पुराने होटल के रूप में मान्यता दी गई है। इस लेख में हम इस होटल के बारे में विस्तार से जानेंगे।
कौन-सा है दुनिया का सबसे पुराना होटल
विश्व का सबसे पुराना होटल जापान के यामानाशी प्रांत में मौजूद है। इसका नाम 'निशियामा ओन्सेन केइउनकान' है। होटल की स्थापना की बात करें, तो प्राचीन जापान के केइउन युग में सन 705 ईस्वी में फुजिवारा माहितोद्वारा इसकी स्थापना की गई थी। इसकी स्थापना उस दौर में हुई थी, जब दुनिया के कई बड़े देशों का नाम और निशान भी नहीं था। उस समय इस होटल की स्थापना जापानी पहाड़ियों के बीच की गई थी।
52 पीढ़ियों से एक ही वंश कर रहा है प्रबंधन
इस होटल को बीते 1300 सालों से एक ही परिवार के लोग संभाल रहे हैं। अब तक होटल को संभालने में परिवार की 52 पीढ़ियों ने अपना योगदान दिया है। इस परिवार में यदि कोई बेटा नहीं हुआ, तो परिवार ने किसी को गोद लेकर या बेटी के परिवार को होटल की कमान सौंपी है।
साल 2017 में होल्डिंग कंपनी ने संभाली कमान
साल 2017 में व्यावसायिक कारणों की वजह से होटल का स्वामित्व एक होल्डिंग कंपनी को ट्रांसफर कर दिया गया। हालांकि, होटल ने अपनी परंपराओं को आज भी जारी रखा है।
होटल में ठहर चुके हैं कई प्रसिद्ध मेहमान
इस होटल में अभी तक कोई योद्धा और सम्राट समेत प्रसिद्ध व्यक्ति ठहर चुके हैं। इनमें प्रसिद्ध जापानी सैन्य कमांडर तोकुगावा इयासु के नाम से लेकर जापान के सम्राट नारुहितो का नाम भी शामिल रहा है।
क्यों खास है यह होटल
होटल में आज भी पुरानी परंपराओं और सेवाओं का ध्यान रखा गया है। यहां प्राकृतिक गरम पानी का झरना है, जो कि स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। इसके अतिरिक्त, होटल में कुल 37 कमरें हैं और प्रत्येक कमरे में जमीन पर पारंपरिक 'तातामी मैट' बिछी हुई है। वहीं, सरकने वाले दरवाजे और मेहमानों को सोने के लिए दिए जाने वाले जापानी 'फुटोन' इसे खान बनाते हैं।
होटल का खान-पान
होटल में ठहरने वाले मेहमानों को 'काइसेकी' नाम का एक विशेष पारंपरिक जापानी भोजन दिया जाता है। इस भोजन में स्थानीय पहाड़ों की जड़ी-बूटियों से लेकर जंगली सब्जियां और नदी की ताजा मछलियां को शामिल किया जाता है। इस वजह से इस होटल की अपनी एक अलग पहचान बनती है।
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