2,000 नहीं, भारत में छप सकता है इससे भी बड़ा नोट! जानें RBI का नियम

Last Updated: Oct 4, 2026, 11:24 IST

भारत में आपने अधिकतम 2000 रुपये का नोट देखा होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत में अधिकतम कितने रुपये का नोट छप सकता है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।

करेंसी नोट
करेंसी नोट

आपने अभी तक 1, 5, 10, 20, 50, 100, 200, 500 और 2000 रुपये के नोट देखे होंगे। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत में इससे बड़ा भी नोट छप सकता है। यही नहीं, इतिहास उठाकर देखें, तो भारत में इससे  भी बड़ा नोट छपा है। इस नोट की रकम अच्छी-खासी थी। क्या कहता है रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानि RBI का नियम, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें। 

भारत में अधिकतम कितने रुपये का नोट छप सकता है

भारतीय रिजर्व बैंक कानून (RBI Act, 1934) के अनुसार, भारत में अधिकतम 10,000 रुपये तक का करेंसी नोट छापा जा सकता है।

क्या कहता है RBI का कानून 

भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 24 के तहत RBI को 2, 5, 10, 20, 50, 100, 200, 500, 1,000, 2,000, 5,000 और 10,000 रुपये के मूल्यवर्ग के बैंक नोट जारी करने का अधिकार है। इसी कानून के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि केंद्रीय सरकार RBI के केंद्रीय बोर्ड की सिफारिश पर अधिकतम 10,000 रुपये तक के नोट छापने की अनुमति दे सकती है।

क्या 10,000 रुपये से भी बड़ा नोट छप सकता है?

अगर भविष्य में सरकार को 10,000 से भी बड़ा नोट जैसे 20,000 या 50,000 रुपये का नोट छापना हो, तो इसके लिए संसद में RBI Act, 1934 की धारा 24 में संशोधनकरना पड़ेगा।

जब भारत में चलता था 10,000 रुपये का नोट 

भारत में सबसे बड़ा नोट छपने का इतिहास केवल कागज के नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि 10,000 रुपये का नोट वास्तव में बाजार में चल भी चुका है। रिजर्व बैंक ने पहली बार 1938 में 10,000 रुपये का नोट छापा था। हालांकि, जनवरी 1946 में इसे बंद कर दिया गया।

वहीं, आजादी के बाद 1954 में 1,000, 5,000 और 10,000 रुपये के बड़े नोटों को दोबारा शुरू किया गया था। मोरारजी देसाई सरकार ने 1978 में काले धन और अवैध जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए 1,000, 5,000 और 10,000 रुपये के नोटों का विमुद्रीकरण कर दिया था। इसके बाद से दोबारा कभी 10,000 या 5,000 रुपये का नोट नहीं छापा गया।

1 रुपये के नोट और सिक्कों का अलग नियम

भारत में 1 रुपये का नोट RBI नहीं, बल्कि भारत सरकार का वित्त मंत्रालय जारी करता है। इस पर RBI गवर्नर के बजाय 'वित्त सचिव' के साइन होते हैं।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Oct 4, 2026, 11:24 IST

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