हिंदी का इतिहास उठाकर देखें, तो हमें इस भाषा का संबंध कई भाषाओं के साथ देखने को मिलता है। इस कड़ी में हिंदी और फारसी भाषा का रिश्ता भी बहुत पुराना और गहरा रहा है।
फारसी भाषा के कई शब्द ऐसे हैं, जिनका इस्तेमाल रोजमर्रा के तौर पर हिंदी में किया जाता है। हालांकि, लोग इन शब्दों से अंजान हैं। इस लेख में हम आज हम कुछ ऐसी ही शब्दों के बारे में जानेंगे, जिनका मूल फारसी है, लेकिन वे हिंदी में भी सालों से इस्तेमाल हो रहे हैं।
घर और रसोई में इस्तेमाल होने वाले शब्द
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मेज
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पर्दा
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दीवार
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दरवाजा
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चश्मा
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साबुन
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आईना
खान-पान में इस्तेमाल होने वाले शब्द
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सब्जी
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नमक
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पनीर
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प्याज
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अंगूर
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बादाम
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जमीन
शरीर के अंग और मानवीय गुण के तौर पर इस्तेमाल होने वाले शब्द
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दिल
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चेहरा
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गदर्न
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कमर
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जबान
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होशियार
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बहादुर
भावनाओं और रिश्तों में उपयोग होने वाले शब्द
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दोस्त
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दुश्मन
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प्यार
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खुश
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उदास
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जिंदा
शिक्षा और प्रशासन में इस्तेमाल होने वाले शब्द
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काग़ज़
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कलम
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दफ़्तर
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सरकार
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अदालत
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कानून
अन्य प्रसिद्ध शब्दों की लिस्ट
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आसमान
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दुनिया
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शहर
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गुलाब
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ख़्वाब
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उम्र
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आराम
फारसी से हिंदी में कैसे पहुंचे ये शब्द
फारसी से ये शब्द हिंदी में विभिन्न कारणों से पहुंचे हैं, जो कि इस प्रकार हैंः
व्यापारिक संबंध
भारत औ ईरान के शुरू से ही व्यापारिक संबंध रहे हैं। ऐसे में यहां ईरानी व्यापारी भारत के बंदरगाहों पर व्यापार के लिए पहुंचा करते थे, जो कि व्यापार के दौरान फारसी भाषा का प्रयोग करते थे। यहां फारसी के कुछ शब्द भारतीयों के पहुंच गए और आम बोलचाल की भाषा में इस्तेमाल होने लगे।
दिल्ली सल्तनत से बढ़ी शब्दों की संख्या
भारत में जब दिल्ली सल्तनत काल शुरू हुआ, तो यहां सैन्य भर्ती के दौरान ईरानी और स्थानीय लोगों के बीच संवाद हुआ करता था, जिसमें मिली-जुली भाषा का उपयोग होता था। इसे हिंदुस्तानी भाषा कहा गया। दिल्ली सल्तनत काल में कचहरी और लगान के समय कई ऐसी प्रक्रियाएं होती थी, जिनसे फारसी के शब्द हिंदी में मिलते चले गए और यह आम बोलचाल की भाषा का हिस्सा बन गए।
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