भारत अपने यहां तेल की जरूरतों को पूरा करने के लिए आयात पर अधिक निर्भर है। हालांकि, विदेशों से कच्चा तेल लेकर इसे भारत की अलग-अलग रिफाइनरियों में शोधित किया जाता है। भारत की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी जामनगर तेल शोधक कारखाना है, जो कि एक निजी रिफाइनरी है। यह इतनी बड़ी है कि यह सिर्फ तेल शोधक कारखाना नहीं है, बल्कि एक बड़े औद्योगिक शहर के रूप में जाना जाता है।
जामनगर रिफाइनरी से जुड़ी मुख्य बातें
-जामनगर रिफाइनरी दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल-साइट रिफाइनरी है। इसका मतलब यह हुआ कि इतना बड़ा तेल शोधक कारखाना एक ही जगह पर दुनिया में किसी स्थान पर नहीं है।
-रिफाइनरी के कुल एरिया की बात करें, तो यह करीब 30 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई है। वहीं, यदि एकड़ में बात करें, तो इसका कुल एरिया 7500 एकड़ है।
-यहां घरेलू रिफाइनरी से भारत की जरूरतों को पूरा किया जाता है, जबकि एक अन्य रिफाइनरी विदेशी जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाई गई है।
-रिफाइनरी में प्रतिदिन 12 लाख बैरल से अधिक कच्चे तेल को रिफाइन किया जा सकता है।
-रिफाइनरी से जुड़ी खास बात यह है कि यह दुनिया के सबसे खराब कच्चे तेल को भी रिफाइन कर उससे पेट्रोल और डीजल निकाल सकती है।
-जामनगर रिफाइनरी उन देशों से भी कच्चे तेल खरीदती है, जिनसे दूसरी रिफाइनरियां कच्चा तेल नहीं खरीद पाती हैं।
-जामनगर रिफाइनरी से जुड़ी एक खास बात यह भी है कि यहां रिफाइनरी के ठीक बराबर में दुनिया का सबसे बड़ा आम का बाग है, जो कि रिफाइनरी कंपनी द्वारा ही लगाया गया है। इस बाग में आम के 1.3 लाख से अधिक पेड़ हैं, जिन पर आम की अलग-अलग प्रजातियां आती हैं। यहां से निकलने वाले आम को पूरी दुनिया में निर्यात किया जाता है।
-जामगर, भारत के पेट्रोलियम हब के लिए जाना जाता है। यहां तैयार होने वाले तेल को यूरोप, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया भेजा जाता है।
-जामनगर में ही अब गीगा कांप्लेक्स 2.0 बनाने की तैयारी है। यहां पर हाइड्रोजन फ्यूल, सोलर पैनल और भविष्य की अन्य ऊर्जाओं पर काम हो सकेगा।
दूसरे नंबर पर है यह रिफाइनरी
भारत में दूसरे नंबर सबसे बड़ी रिफाइनरी वादीनार रिफाइनरी है, जो कि गुजरात में ही स्थित है। यह रिफाइनरी द्वारका में स्थित है, जो कि प्रतिदिन 4,05,000 बैरल तेल को प्रतिदिन रिफाइन कर सकती है। इस रिफाइनरी की खास बात यह है कि यह सबसे सस्ते कच्चे तेल(सल्फर युक्त) को भी रिफाइन करने की क्षमता रखती है।
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