आपने दुनिया की अलग-अलग झीलों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, यदि एशिया की सबसे बड़ी झील की बात करें, तो यह कैस्पियन सागर (Caspian Sea) है। यह चारों ओर जमीन से घिरा हुआ है, जो कि दुनिया का सबसे बड़ा जल निकाय भी है। अपने आकार की वजह से यह दुनिया की सबसे बड़ी झील भी है। इस लेख में कैस्पियन सागर के बारे में विस्तार से जानेंगे, साथ ही इसे सागर कहने के पीछे कारण के बारे में भी जानेंगे।
कितना है कैस्पियन सागर का क्षेत्रफल
कैस्पियन सागर के कुल क्षेत्रफल की बात करें, तो इसका कुल सतही क्षेत्रफल 3,71,000 वर्ग किलोमीटर है। इसकी चौड़ाई की बात करें, तो उत्तर से दक्षिण तक इसकी कुल लंबाई करीब 1,030 किमी है, जबकि चौड़ाई 435 किमी तक है।
कितनी है कैस्पियन सागर की तटरेखा
कैस्पियन सागर की कुल तटरेखा की बात करें, तो इसकी कुल लंबाई 7,000 किलोमीटर है। ऐसे में यह एक लंबी तटरेखा वाली झील है।
कितने देशों से लगती है कैस्पियन सागर की सीमा
कैस्पियन सागर कुल 5 देशों के साथ अपनी सीमा साझा करता है। इसमें तुर्कमेनिस्तान, अजरबैजान, रूस, ईरान और कजाकिस्तान है।
कैसा है कैस्पियन सागर की पानी ?
कैस्पियन सागर का पानी मीठा नहीं, बल्कि खारा है। हालांकि, यदि इसकी तुलना हम महासागरों से करें, तो इसका पानी कम खारा है। इसके उत्तरी भाग में थोड़ा पानी मीठा है, जबकि ईरान की तरफ का पानी गहरा और खारा भी है।
झील में गिरती है करीब 130 नदियां
कैस्पियन सागर में करीब 130 नदियां गिरती हैं। इनमें यदि प्रमुख नदी की बात करें, तो एक वोल्गा नदी है, जो कि यूरोप की सबसे लंबी नदी है। यह झील के कुल पानी का करीब 80 फीसदी हिस्सा ताजे पानी का लाती है। वहीं, झील में यूराल नदी भी गिरती है।
झील के पास मौजूद है तेल और गैस का भंडार
कैस्पियन सागर के पास तेल और गैस का भंडार है। ऐसे में यहां तटीय देशों के बीच तनाव का माहौल भी देखने को मिलता है। आपको बता दें कि यह मध्य एशिया और यूरोप के बीच व्यापार का प्रमुख जलमार्ग भी है।
क्यों कहा जाता है सागर
कैस्पियन सागर वास्तव में झील है, लेकिन इसे झील कहा जाता है। दरअसल, इसका आकार अन्य झीलों की तुलना में बहुत बड़ा है। साथ ही, इसकी तटीय सीमा भी बड़ी है, जिस वजह से इसे सागर कहा जाता है।
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