उत्तर प्रदेश में नहरों को सिंचाई व्यवस्था की नींव माना जाता है। वर्तमान में यहां सैकड़ों की संख्या में नहरें हैं, लेकिन यदि सबसे पहली नहर की बात करें, तो यह पूर्वी यमुना नहर है। यह यूपी की सबसे पुरानी नहर के साथ-साथ इंजीनियरिंग का भी अद्भुत नमूना है। हालांकि, यहां यह जानना जरूरी है कि आखिर इस नहर का निर्माण कब और किस प्रकार किया गया था। वहीं, इस नहर का स्रोत क्या है ? जानने के लिए यह लेख जरूर पढ़ें।
कितनी पुरानी है पूर्वी यमुना नहर
पूर्वी यमुना नहर का निर्माण मुगल सम्राट शाहजहां काल में हुआ था। 1631 में मुगल शासक ने ही नहर की नींव रखी थी, जिससे बागों और शिकारगाहों को पानी मिल सके। हालांकि, इसका ठीक तरह से रखरखाव नहीं हो सका, जिसके बाद इस नहर को बंद कर दिया गया।
1830 में फिर शुरू हुई नहर
ब्रिटिश काल में इस नहर को फिर से शुरू किया गया। इसका श्रेय अंग्रेजों को जाता है। कर्नल रॉबर्ट स्मिथ के नेतृत्व में इस नहर का आधुनिकीकरण किया गया और 1830 में यह नहर फिर से शुरू हो गई।
कहां से निकलती है नहर
पूर्वी यमुना नहर सहारनपुर जिले में यमुना के बाएं किनारे पर बने हथिनीकुंड बैराज से निकलती है। यहां से निकलने के बाद यह नहर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ और बागपत से गाजियाबाद तक पहुंचती है। अंत में यह दिल्ली में यमुना में मिल जाती है।
कितनी लंबी है पूर्वी यमुना नहर
पूर्वी यमुना नहर की लंबाई की बात करें, तो इसकी लंबाई 197 किलोमीटर है। हालांकि, यदि पूरी वितरण व्यवस्था को जोड़ा जाए, तो यह नेटवर्क बहुत बड़ा है।
क्या है नहर का उपयोग
पूर्वी यमुना नहर का उपयोग मुख्य रूप से कृषि के लिए किया जाता है। इससे सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ और गाजियाबाद जिलों में कृषि के लिए पानी की आवश्यकता के लिए किया जाता है। नहर के पानी से गन्ना, गेहूं और धान की खेती होती है। आपको बता दें कि यूपी का यह पश्चिमी क्षेत्र गन्ने के लिए जाना जाता है।
नहर की चुनौतियां क्या हैं ?
नहर पर कई छोटे जलविद्युत केंद्र भी बने हुए हैं, जिनसे बिजली उत्पादन होता है। हालांकि, नहर को लेकर कई चुनौतियां भी हैं। क्योंकि, नहर करीब 200 साल पुरानी है, ऐसे में एक निश्चित समय पर नहर को मरम्मत की जरूरत होती है। नहर में बड़ी मात्रा में औद्योगिक कचरा और प्लास्टिक पाया जाता है, जिससे यह प्रदूषित होती है और इसके प्रवाह में भी रूकावट पैदा होती है। इसका सीधा असर कृषि पर पड़ता है।
Quick Fact: आपको बता दें कि पूर्वी यमुना नहर के सफल पुनर्निर्माण के बाद ही ऊपरी गंगा नहर का निर्माण किया गया था। क्योंकि, अंग्रेजी अधिकारियों को यह समझ में आ गया था कि भारत में इस तरह की नहरों को विकसित किया जा सकता है। ऊपरी गंगा नहर हरिद्वार से शुरू होती है और पानी की आपूर्ति की लिए प्रमुख मानी जाती है।
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