भारत में किसे कहा जाता है ‘पंचायती राज का जनक’, जानें यहां

Last Updated: Jul 22, 2026, 18:43 IST

आपने भारत में पंचायती राज व्यवस्था के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि किस व्यक्ति को पंचायती राज का जनक कहा जाता है? यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।

पंचायती राज व्यवस्था
पंचायती राज व्यवस्था

भारत को गांवों का देश कहा जाता है, जहां आज भी पंचायत व्यवस्था देखने को मिलती है। इस पंचायत व्यवस्था की शुरुआत गांवों में बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था बनाने के लिए की गई थी। इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि बलवंत राय मेहता को ‘पंचायती राज का जनक’ कहा जाता है। क्या हैं इसके पीछे के कारण, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।

कौन थे बलवंत राय मेहता 

बलवंत राय मेहता स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ-साथ गुजरात के दूसरे मुख्यमंत्री थे। उन्हें भारत में पंचायती राज का शिल्पकार कहा जाता है।

क्यों कहा जाता है पंचायती राज का जनक 

भारत सरकार की ओर से 1957 में सामुदायिक विकास कार्यक्रम और राष्ट्रीय विस्तार सेवा जैसे कार्यक्रमों के फेल होने पर इसकी जांच के लिए बलवंत राय मेहता समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने पहली बार गांवों में विकास के लिए त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की बात कही थी। इसमें ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायत, ब्लॉक स्तर पर पंचायत समिति और जिला स्तर पर जिला परिषद् के गठन पर जोर दिया था।

बलवंत राय मेहता ने यह दिया था तर्क

बलवंत राय मेहता का मानना था कि जब तक स्थानीय लोगों को अधिकार और जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी, तब तक किसी भी विकास योजना को सफल नहीं बनाया जा सकता है। उनकी इस सिफारिश को राष्ट्रीय विकास परिषद् ने स्वीकार कर लिया था।

राजस्थान से हुई शुरुआत

बलवंत राय मेहत की सिफारिशें मानने के बाद 2 अक्टूबर, 1959 में राजस्थान के नागौर जिले में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने देश की पहली पंचायती राज व्यवस्था की शुरुआत की थी।

किसे कहा जाता है आधुनिक पंचायती राज का जनक 

आपको बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को आधुनिक पंचायती राज व्यवस्था का जनक कहा जाता है। राजीव गांधी का मानना था कि दिल्ली से आने वाला पैसा सीधे गांवों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने पंचायतों को संविधान का हिस्सा बनाने की बात कही थी। इसके लिए वह 1989 में 64वां संविधान संशोधन लाए, लेकिन वह पास नहीं हो सका। बाद में 73वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 पास किया गया और 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती दिवस मनाया गया। आज संविधान के 9वें भाग में पंचायती राज व्यवस्था का उल्लेख देखने को मिलता है। 

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

... Read More
First Published: Jul 22, 2026, 18:43 IST

आप जागरण जोश पर भारत, विश्व समाचार, खेल के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समसामयिक सामान्य ज्ञान, सूची, जीके हिंदी और क्विज प्राप्त कर सकते है. आप यहां से कर्रेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें.

Trending

Latest Education News