भारत में किन संवैधानिक पदों की कोई रिटायरमेंट उम्र नहीं होती, जानें

Last Updated: Oct 17, 2026, 16:15 IST

भारत में संविधान के अनुसार हर संवैधानिक पद के लिए एक सेवानिवृत्ति की उम्र तय की गई है। हालांकि, कुछ पद ऐसे हैं, जिनकी कोई सेवानिवृत्ति उम्र नहीं है। ऐसे में अपने इस लेख में हम भारत के विभिन्न संवैधानिक पदों पर सेवानिवृत्ति की उम्र जानेंगे।

भारतीय संविधान
भारतीय संविधान

भारत में संवैधानिक रूप से अलग-अलग पद हैं, जो कि न्यायपालिक से लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हैं। संविधान में अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग सेवानिवृत्ति की उम्र तय की गई है। नियम के मुताबिक ही पद पर बैठे व्यक्ति को सेवानिवृत्त किया जा सकता है। हालांकि, कुछ पद ऐसे हैं, जिनकी कोई सेवानिवृत्ति उम्र नहीं होती है। ऐसे में अपने इस लेख में हम भारत के विभिन्न संवैधानिक पद और उनकी सेवानिवृत्ति की उम्र के बारे में जानेंगे। 

न्यायपालिका में क्या है सेवानिवृत्ति की उम्र 

न्यायाधीशों के लिए कार्यकाल की कोई निश्चित अवधि जैसे 5 या 6 साल नहीं होती, बल्कि उनके लिए अधिकतम आयु सीमा तय की गई है:

सर्वोच्च न्यायालय: भारत के मुख्य न्यायाधीश सहित सभी न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष होती है।

उच्च न्यायालय: मुख्य न्यायाधीश और अन्य सभी न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष होती है।

प्रमुख संवैधानिक आयोग और स्वतंत्र निकाय 

इन पदों पर 'कार्यकाल की अवधि या अधिकतम आयु, जो भी पहले हो' का नियम लागू होता है:

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक: इनका कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो भी पहले पूरी हो जाए, तक होता है।

मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त: इनका कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो भी पहले पूरी हो जाए, तक होता है।

संघ लोक सेवा आयोग(UPSC) के अध्यक्ष और सदस्य: इनका कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो भी पहले पूरी हो जाए, तक होता है।

राज्य लोक सेवा आयोग(PCS) के अध्यक्ष और सदस्य: इनका कार्यकाल 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु तक होता है, जो भी पहले पूरा हो।

राजनीतिक और कार्यकारी पद 

भारत में राजनीतिक पदों के लिए न्यूनतम आयु तय है, जैसे राष्ट्रपति के लिए 35 वर्ष, सांसद के लिए 25 या 30 वर्ष, लेकिन सेवानिवृत्ति की कोई अधिकतम उम्र नहीं होती है।

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति: इनकी कोई रिटायरमेंट उम्र नहीं होती। एक बार चुने जाने पर इनका कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।

राज्यपाल: इनकी कोई रिटायरमेंट उम्र नहीं होती। यह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं, हालांकि सामान्य कार्यकाल 5 वर्ष का माना जाता है।

प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद और विधायक: चुनाव लड़ने या पद पर बने रहने की कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं है। जब तक जनता का समर्थन और सदन में बहुमत है, वे पद पर रह सकते हैं।

भारत का महान्यायवादी 

संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत नियुक्त महान्यायवादी का कार्यकाल संविधान द्वारा तय नहीं किया गया है। इनकी कोई सेवानिवृत्ति आयु नहीं होती है। यह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत अपना पद धारण करते हैं और राष्ट्रपति जब चाहें इन्हें पद से हटा सकते हैं।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Oct 17, 2026, 16:15 IST

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