उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा पक्षी विहार, जहां हर साल पहुंचते हैं 2,00,000 पक्षी
उत्तर प्रदेश में कई पक्षी विहार हैं, लेकिन इनमें से एक पक्षी विहार ऐसा भी, जो कि रामसर साइट होने के साथ-साथ पूरे प्रदेश का सबसे छोटा पक्षी विहार है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे।
उत्तर प्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है, जो कि 240, 928 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। पूरे प्रदेश में अलग-अलग पक्षी विहार मौजूद हैं। इनमें से एक पटना पक्षी विहार भी है, जो कि एक रामसर स्थल भी है और पूरे यूपी का सबसे छोटा पक्षी विहार है। यह कई प्रवासी और स्थानीय पक्षियों और वन्यजीवों का घर भी है। यही वजह है कि यह अपने आप में एक बड़ा जैव विविधता केंद्र भी है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे।
कहां है पटना पक्षी विहार
पटना पक्षी विहार बेशक नाम से पटना है, लेकिन यूपी के एटा जिले के जलेसर में मौजूद है। यह जिला पटना पक्षी विहार के अलावा घंटियों के लिए भी जाना जाता है। जलेसर की बनी घंटियां पूरे यूपी समेत अन्य राज्यों में भी प्रसिद्ध हैं।
2026 में बना रामसर साइट
पटना पक्षी विहार सबसे छोटा होने के साथ-साथ प्रदेश के सबसे सुंदर पक्षी विहारों में गिना जाता है। साल 2026 की शुरुआत में इसे अंतरराष्ट्रीय महत्त्व की रामसर साइट घोषित किया गया है।
कब हुई स्थापना और कितना बड़ा है पक्षी विहार
यूपी का पटना पक्षी विहार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत 1991 में स्थापित किया गया था। यह पक्षी विहार कुल 1.09 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है, जो कि करीब 108 हेक्टेयर है।
मौसमी झील से होती है पहचान
पटना पक्षी विहार में मौजूद झील की पहचान मौसमी झील के रूप में होती है। गर्मी के मौसम में यह झील पूरी तरह से सूख जाती है। सूरज की तपिश से इसकी वनस्पतियां सड़कर मिट्टी में मिल जाती हैं, जिससे मिट्टी अधिक उपजाऊ बन जाती है। वहीं, मानसून के दौरान यहां बारिश का पानी भर जाता है, जिससे झील में मछलियां और कीड़े-मकोड़े पैदा हो जाते हैं। इससे पक्षियों के लिए भोजन की व्यवस्था हो जाती है।
हर साल इतने पक्षी डालते हैं डेरा
पटना पक्षी विहार में हर साल बड़ी संख्या में देशी-विदेशी सैलानी डेरा डालते हैं। यहां दिसंबर से जनवरी के बीच करीब 2,00,000 पक्षी डेरा डालते हैं, जिनमें पक्षियों की 300 से अधिक प्रजातियां होती हैं। इस पक्षी विहार में नीलगाय और सियार समेत अन्य वन्यजीव भी पाए जाते हैं। वहीं, यह एक प्राचीन शिव मंदिर भी है, जो कि कई श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।
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