One District One Product: उत्तर प्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है, जो कि अपनी विविधता और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। भारत का यह राज्य अपने इतिहास के लिए जितना समृद्ध है, उतना ही यह अपने उत्पादों के लिए भी जाना जाता है। यही वजह है कि हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा अपने प्रत्येक जिले के खाद्य उत्पादों की लिस्ट तैयार की गई है।
इस कड़ी में भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय ने प्रदेश की सभी खाद्य उत्पादों को सूचीबद्ध किया है। इसकी जानकारी हमें MoFPI पर एक जिला-एक उत्पाद सेक्शन में मिलती है। ऐसे में प्रदेश सरकार ने अपने एक जिले को प्याज से बने उत्पादों के लिए सूचीबद्ध किया है। कौन-सा है यह शहर, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
किस जिले को प्याज से बने उत्पादों के लिए चुना गया
हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने गाजीपुर जिले को प्याज व इससे बने उत्पादों के लिए एक जिला-एक उत्पाद की खाद्य श्रेणी में सूचीबद्ध किया है। इससे गाजीपुर जिले को एक नई पहचान मिली है।
प्याज के लिए क्यों चुना गया
गाजीपुर को गुलाब और जूट के लिए पहले से ही जाना जाता है। हालांकि, किसानों की आजीविका और आर्थिक क्षमता को देखते हुए गाजीपुर को प्याज के लिए चुना गया है। इससे यहां प्याज के उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी प्याज को पहचान मिलेगी।
प्याज के लिए क्यों जाना जाता है गाजीपुर
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गाजीपुर गंगा किनारे बसा हुआ है और यहां दोमट मिट्टी मिलती है। यह मिट्टी प्याज उत्पादन के लिए अधिक उपजाऊ होती है।
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जिले की नमी वाली मिट्टी प्याज की खेती में मदद करती है, जिससे यहां की प्याज आकार में बड़ी और स्वाद में अधिक तीखी होती है।
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प्याज की उत्पादकता अधिक होने की वजह से यहां मंडियों में भी प्याज की हिस्सेदारी अधिक है।
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गाजीपुर की प्याज को बिहार और नेपाल तक भेजा जाता है।
प्याज से बने उत्पादों पर जोर
सरकार द्वारा प्रदेश में अब ऐसी इकाइयों पर भी जोर दिया जा रहा है, जो प्याज से बने उत्पादों को तैयार कर रही हैं। इसमें प्याज से बना पाउडर, पेस्ट और डिहाइड्रेटेड प्याज शामिल है।
कोल्ड स्टोरेज की सुविधा
प्याज जल्दी खराब होने वाली फसल है। ऐसे में सरकार प्रदेश में प्याज की भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज बनाने पर भी जोर दे रही है। कोल्ड स्टोरेज बनने से अधिक से अधिक प्याज को ठंडी जगह पर स्टोर किया जा सकेगा और मांग के अनुरूप मार्केट में पहुंचाया जा सकेगा। इसके लिए सरकार परियोजना लागत का 35 फीसदी सब्सिडी के रूप में देती है। अधिक जानकारी के लिए आप pmfme.mofpi.gov.in पोर्टल पर जा सकते हैं।
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