मध्य भारत का सबड़े बड़ा किला, जो कभी मुगलों की हुआ करता था शाही जेल
मध्य भारत में एक किला ऐसा मौजूद है, जो कि सबसे बड़े किले के रूप में जानते हैं। इसके साथ ही यह किला मुगलों की सबसे बड़ी शाही जेल भी हुआ करता था। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे।
मध्य भारत में कई किले मौजूद हैं, इस कड़ी में यहां एक किला ऐसा भी है, जो कि सबसे बड़ा होने के साथ-साथ मुगलों की सबसे बड़ी शाही जेल हुआ करता था। यह किला अपने वास्तुकला और बनावट के लिए पूरे भारत में जाना जाता है। खास बात यह है कि इस किले में सबसे पहले लिखित शून्य के प्रमाण मिले थे। यह किला मध्य प्रदेश में स्थित ग्वालियर का किला है, जो कि एक बड़ी और ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। इस किले को देखने के लिए आज भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।
किले को कहा जाता है ‘भारत का जिब्राल्टर’
ग्वालियर का किला अपने समृद्ध इतिहास के साथ-साथ अपनी मजबूत बनावट के लिए जाना जाता है। इस किले को "भारत का जिब्राल्टर" (Gibraltar of India) भी कहा जाता है।
क्या है किले का इतिहास
ग्वालियर का किला 'गोपांचल' नाम की बलुआ पत्थर की पहाड़ी पर बना हुआ है। किले का निर्माण 8वीं शताब्दी के आसपास का माना जाता है, जो कि राजा सूरज सेन द्वारा बनवाया गया था। हालांकि, बाद में तोमर, मुगल, मराठा, ब्रिटिश और सिंधिया राजवंशों का शासन रहा। इतिहासकारों के मुताबिक, 15वीं शताब्दी में तोमर वंश के राजा रहे मानसिंह तोमर ने किले में कई महलों और संरचनाओं का निर्माण कराया था।
किले से जुड़ी विशेषता
किले में मौजूद मान सिंह महल है, जो कि अपने बाहरी दीवारों पर लगे अलग-अलग रंग की टाइल्स के लिए जाना जाता है। किले की दीवारों पर हंस और हाथियों की आकृतियां भी बनी हुई हैं।
वहीं, किले में गूजरी महल है, जिसका निर्माण राजा मानसिंह अपनी रानी मृगनयनी के लिए किया गया था। मौजूदा समय में यहां एक म्यूजियम बना हुआ है। वहीं, यह किला अपने यहां बने सास-बहू मंदिर और तेली मंदिर के लिए भी जाना जाता है, जिसका निर्माण 11वीं शताब्दी में किया गया था। वहीं, किले में चट्टानों को काटकर बनाई गई जैन तीर्थंकरों में शामिल भगवान आदिनाथ की मूर्ती है।
किले में मिलते हैं शून्य के लिखित प्रमाण
इस किले में एक 'चतुर्भुज मंदिर' है, जिसकी दीवार पर शून्य (0) के उपयोग का दुनिया का सबसे पुराना लिखित प्रमाण मिलता है। वहीं, यह वह किला है, जिसके पास 1857 की क्रांति में रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध लड़ा था।
मुगलों की हुआ करता था शाही जेल
आपको बता दें कि यह किला कभी मुगलों की शाही जेला हुआ करता था। इस किले में मुगलों द्वारा कई राजपूत राजाओं को रखने के साथ-साथ कई मुगल शासकों को भी रखा गया था, जिनमें मुराद बख्श और सुलेमान का नाम शामिल है।
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