साल 2033 तक भारत में शुरू होंगे 5 स्वदेशी छोटे न्यूक्लियर रिएक्टर, निजी कंपनियों की भी होगी एंट्री

Last Updated: Jul 23, 2026, 17:51 IST

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बताया कि सरकार वर्ष 2033 तक कम से कम पांच स्वदेशी स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर शुरू करने की योजना पर काम कर रही है।

कौन करता है परमाणु ऊर्जा प्रोजेक्ट का संचालन
कौन करता है परमाणु ऊर्जा प्रोजेक्ट का संचालन

भारत सरकार ने स्वच्छ और आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2033 तक कम से कम पांच स्वदेशी स्मॉल मॉड्यूलर न्यूक्लियर रिएक्टर (SMR) चालू करना है। इसके साथ ही 2047 तक देश की परमाणु ऊर्जा क्षमता 100 गीगावाट तक पहुंचाने की तैयारी भी तेज कर दी गई है। इस पूरी योजना में पहली बार निजी कंपनियों को भी अहम भूमिका मिलेगी। 

2033 तक चालू होंगे पांच स्वदेशी छोटे परमाणु रिएक्टर

लोकसभा में लिखित जवाब देते हुए परमाणु ऊर्जा विभाग में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार वर्ष 2033 तक कम से कम पांच स्वदेशी स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर शुरू करने की योजना पर काम कर रही है। इन छोटे रिएक्टरों के जरिए बिजली उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ कोयले पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।

BARC तैयार कर रहा है तीन तरह के आधुनिक रिएक्टर

मुंबई स्थित भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) तीन अलग-अलग प्रकार के स्वदेशी रिएक्टर विकसित कर रहा है। इनमें 220 मेगावाट क्षमता वाला भारत स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर, 55 मेगावाट का पॉवर रिएक्टर और 5 मेगावाट से कम क्षमता वाला हाई-टेम्परेचर गैस-कूल्ड रिएक्टर शामिल है। 

SHANTI Act 2025 से खुला निजी निवेश का रास्ता 

सरकार ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा सुधार करते हुए SHANTI Act, 2025 लागू किया है। इस कानून के जरिए पहली बार निजी कंपनियों के लिए परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं में भागीदारी का रास्ता खोला गया है। 

2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर क्षमता का लक्ष्य 

सरकार ने न्यूक्लियर एनर्जी मिशन के तहत 2047 तक देश की परमाणु ऊर्जा क्षमता 100 गीगावाट तक पहुंचाने का रोडमैप तैयार किया है। फिलहाल भारत की कुल परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता करीब 8.8 गीगावाट है। 

ऐसे में सरकार का अनुमान है कि वर्तमान में निर्माणाधीन प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद यह क्षमता 2031-32 तक बढ़कर लगभग 22 गीगावाट हो जाएगी। इसके बाद सरकारी और निजी क्षेत्र मिलकर 2047 का लक्ष्य हासिल करेंगे। 

विशाखापत्तनम में बनेगा पहला हाइड्रोजन रिएक्टर   

सरकार स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर परियोजनाओं पर 2 अरब डॉलर (करीब 17 हजार करोड़ रुपये) से अधिक का निवेश कर रही है। बिजली उत्पादन के लिए बनने वाले बड़े SMR प्रेशराइज्ड वाटर रिएक्टर (PWR) तकनीक पर आधारित होंगे। 

कौन करता है परमाणु ऊर्जा प्रोजेक्ट का संचालन 

वहीं, आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम को देश के पहले ऐसे छोटे परमाणु रिएक्टर के लिए चुना गया है, जिसका उपयोग कार्बन-फ्री हाइड्रोजन उत्पादन में किया जाएगा। वर्तमान में देश की सभी परमाणु ऊर्जा प्रोजेक्ट का संचालन न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) कर रही है, लेकिन आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में सरकारी और निजी कंपनियां मिलकर भारत के ऊर्जा भविष्य को नई दिशा देंगी।

Bagesh Yadav
Bagesh Yadav

Senior Executive - Editorial

Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.

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First Published: Jul 23, 2026, 17:51 IST

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