World's Largest Island: ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है और यह डेनमार्क के साम्राज्य के अंतर्गत एक स्वायत्त क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। बर्फ से ढकी विशाल भूमि, आर्कटिक वातावरण और समृद्ध इनुइट संस्कृति के कारण यह ग्लोबल लेवल पर खास महत्व रखता है। यहाँ हम दुनिया के सबसे बड़े द्वीप की आबादी, लोकेशन और पड़ोसी देश के बारें में विस्तार से चर्चा करने जा रहे है.
ग्लोब पर कहाँ स्थित है दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप?
ग्रीनलैंड आर्कटिक महासागर और उत्तरी अटलांटिक महासागर के बीच स्थित है। यह कनाडा के उत्तर-पूर्व और आइसलैंड के उत्तर-पश्चिम में, मुख्य रूप से आर्कटिक सर्कल के ऊपर फैला हुआ है। इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 21.6 लाख वर्ग किलोमीटर है, जिसमें से करीब 81% हिस्सा बर्फ की मोटी चादर से ढका हुआ है। यहां की बर्फ की मोटाई कई जगहों पर 3 किलोमीटर तक है। गनब्योर्न फ्येल्ड (3,694 मीटर) यहां का सबसे ऊंचा माउंटेन है।
किसने दिया ‘ग्रीनलैंड’ नाम?
ग्रीनलैंड में मानव उपस्थिति लगभग 4,500 साल पुरानी मानी जाती है। पहले पेलियो-इनुइट संस्कृतियां आईं, फिर 1300 ईस्वी के आसपास थुले इनुइट समुदाय बसे। 986 ईस्वी में नॉर्स खोजकर्ता एरिक द रेड यहां पहुंचे और इसे “ग्रीनलैंड” नाम दिया। 18वीं सदी में डेनमार्क ने दोबारा नियंत्रण स्थापित किया। 1979 में इसे होम रूल और 2009 में स्व-शासन (Self Government) का दर्जा मिला।
शासन व्यवस्था और राजनीतिक स्थिति
ग्रीनलैंड आज भी डेनमार्क के साम्राज्य का हिस्सा है, लेकिन इसे आंतरिक मामलों में व्यापक स्वायत्तता प्राप्त है। यहां की सरकार नालाकर्सुइट (Naalakkersuisut) और संसद इंसाटिसार्तुत (Inatsisartut) कहलाती है। रक्षा, विदेश नीति और नागरिकता जैसे विषय डेनमार्क के पास हैं। हालांकि, ग्रीनलैंड में भविष्य में पूर्ण स्वतंत्रता को लेकर चर्चा लगातार चलती रहती है।
पड़ोसी देश और सीमाएं
ग्रीनलैंड की एकमात्र स्थलीय सीमा कनाडा के साथ है, जो हांस द्वीप पर स्थित है और 2022 में सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाई गई। समुद्री सीमाएं कनाडा और आइसलैंड से जुड़ती हैं। इसके चारों ओर आर्कटिक महासागर, ग्रीनलैंड सागर और उत्तरी अटलांटिक महासागर फैले हैं, जो इसे भौगोलिक रूप से काफी अलग बनाते हैं।
कितनी है यहाँ की आबादी?
ग्रीनलैंड की जनसंख्या करीब 56 हजार है, जिनमें अधिकांश इनुइट समुदाय से हैं। मत्स्य उद्योग इसकी अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है और डेनमार्क से मिलने वाली सहायता अहम भूमिका निभाती है। यहां का तापमान अत्यधिक ठंडा रहता है; उत्तरी गोलार्ध का सबसे कम तापमान भी यहीं दर्ज हुआ है।
क्या है भविष्य की चुनौतियां?
जलवायु परिवर्तन के कारण बर्फ तेजी से पिघल रही है, जिससे समुद्र स्तर बढ़ने का खतरा है, लेकिन साथ ही खनिज संसाधन, नए समुद्री मार्ग और पर्यटन के अवसर भी उभर रहे हैं।
ग्रीनलैंड केवल दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप ही नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन, आर्कटिक राजनीति और प्राकृतिक संसाधनों के लिहाज से भविष्य की वैश्विक रणनीति का अहम केंद्र भी है।
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