दक्षिण भारत की सबसे छोटी नदी कौन-सी है, जानें यहां

Feb 4, 2026, 13:33 IST

उत्तर भारत की तरह दक्षिण भारत में भी नदियों का प्रवाह होता है। इस कड़ी में यहां ऐसी बहुत-सी नदियां हैं, जो अपनी अलग-अलग विशेषताओं की वजह से जानी जाती हैं। क्या आप दक्षिण भारत की सबसे छोटी नदी के बारे में जानते हैं, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे। 

दक्षिण की सबसे छोटी नदी
दक्षिण की सबसे छोटी नदी

भारत का भूगोल उठाकर देखें, तो हमें यहां दुर्गम पहाड़ों की चोटियों से लेकर नदियों का जाल देखने को मिलता है। नदियां न सिर्फ पीने के पानी के स्रोत तक सीमित हैं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और रणनीतिक रूप से भी से भी इनका अधिक महत्त्व है। यही वजह है कि यहां नदियों को मां का दर्जा दिया गया और सुबह-शाम नदियों के घाटों पर आरती होना आस्था का प्रतीक है। उत्तर भारत की तरह दक्षिण भारत में भी नदियों का नेटवर्क है। इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि दक्षिण भारत की सबसे छोटी नदी कौन-सी है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे। 

दक्षिण भारत की प्रमुख नदियां कौन-सी हैं

सबसे पहले हम दक्षिण भारत की कुछ प्रमुख नदियों के बारे में जान लेते हैं। आपको बता दें कि गोदावरी, कृष्णा, कावेरी और महानदी प्रमुख नदियों में शामिल हैं। ये नदियां पूर्व की ओर बहते हुए बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं। वहीं, गोदावरी नदी दक्षिण भारत की सबसे लंबी नदी है, जिसे दक्षिण भारत की गंगा भी कहा जाता है। पश्चिम की ओर बहने वाले नदियों की बात करें, तो यह नर्मदा और तापी नदी है, जो कि अरब सागर में जाकर गिरती हैं।

दक्षिण भारत की सबसे छोटी नदी 

दक्षिण भारत की सबसे छोटी नदी की बात करें, तो यह अड्डयार नदी है। यह नदी तमिलनाडू के कांचीपुरम जिले के चेम्बरमबक्कम झील के अतिरिक्त पानी से निकलती है।

कितनी लंबी है नदी 

अड्डयार नदी की कुल लंबाई 42.5 किलोमीटर है, जो कि चेन्नई के पश्चिमी हिस्से से शुरू होती है और बंगाल की खाड़ी में गिरती है।

नदी का ऐतिहासिक महत्त्व 

इस नदी का ऐतिहासिक महत्त्व भी है। इतिहास में अड्डयार का युद्ध(1746) इस नदी के पास ही हुआ था। उस समय फ्रांसीसी सेना और कर्नाटक के नवाब अनवरुद्दीन खान के बीच युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में फ्रांसीसी सेना की जीत हुई थी।

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Source: Image generated with the help of Notebook LLM

पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता के लिए विख्यात

  • अड्डयार नदी को मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता के लिए जाना जाता है। 

  • इस नदी के किनारे अड्डयार इको-पार्क स्थित है, जिसे पारिस्थितिकी संरक्षण के लिए जाना जाता है। 

  • नदी के मुहाने पर मैंग्रोव पाए जाते हैं, जिससे तटीय कटाव रूकता है।इस तट के पास हर साल बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। 

  • इस नदी के किनारे हमें थियोसोफिकल सोसाइट का मुख्यालय भी देखने को मिलता है, जिसे हरियाली और शांति के लिए जाना जाता है।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior content writer

A seasoned journalist with over 7 years of extensive experience across both print and digital media, skilled in crafting engaging and informative multimedia content for diverse audiences. His expertise lies in transforming complex ideas into clear, compelling narratives that resonate with readers across various platforms. At Jagran Josh, Kishan works as a Senior Content Writer (Multimedia Producer) in the GK section. He writes on national and international topics from a GK perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com

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