दुनिया के 9 सबसे प्रदूषित देश कौन से हैं? वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, एयर क्वालिटी इंडेक्स स्कोर के आधार पर चाड 9 सबसे प्रदूषित देशों की सूची में सबसे ऊपर है। वायु प्रदूषण एक बढ़ती हुई वैश्विक चुनौती है, जो 2025 में दुनिया भर के लाखों लोगों को प्रभावित कर रहा है। हवा की गुणवत्ता तीन मुख्य कारणों से खराब हो रही है - औद्योगीकरण, शहरी यातायात और खेती के तरीके। कुछ देशों में लोग वैश्विक मानक से कहीं ज्यादा हानिकारक हवा में सांस ले रहे हैं।
सरकारें उपाय कर रही हैं, फिर भी प्रदूषण का स्तर लगातार ऊंचा बना हुआ है। भविष्य में समाधान खोजने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए यह समझना जरूरी है कि कौन से देश सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इस लेख में दुनिया के सबसे प्रदूषित देशों की मौजूदा रैंकिंग दी गई है। इसमें प्रदूषण के मुख्य कारणों और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर के बारे में भी बताया गया है।
दुनिया के 9 सबसे प्रदूषित देशों की सूची
नीचे दिए गए देश लगातार दुनिया के सबसे प्रदूषित देशों में शुमार होते हैं। हर देश अलग-अलग तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा है, जो विभिन्न स्रोतों और पर्यावरणीय कारकों के जरिए हवा की गुणवत्ता और स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।
रैंक | देश | एयर क्वालिटी इंडेक्स+ | PM2.5 स्तर | प्रदूषण के मुख्य स्रोत |
1 | चाड | 176 | 91.8 | धूल भरी आंधी, बायोमास जलाना |
2 | बांग्लादेश | 167 | 78 | ईंट के भट्टे, यातायात, कचरा जलाना |
3 | पाकिस्तान | 164 | 73.7 | यातायात, उद्योग, फसलों के अवशेष जलाना |
4 | डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो | 153 | 58.2 | उद्योग, कचरा जलाना, कृषि |
5 | भारत | 138 | 50.6 | वाहन, उद्योग, फसलों के अवशेष जलाना |
6 | ताजिकिस्तान | 128 | 46.3 | वाहन, औद्योगिक गतिविधियां और घरों में हीटिंग |
7 | नेपाल | 119 | 42.8 | शहरी उत्सर्जन, फसलों के अवशेष जलाना |
8 | युगांडा | 115 | 41 | वाहन, औद्योगिक गतिविधियां और बायोमास जलाना |
9 | रवांडा | 114 | 40.8 | वाहन, औद्योगिक गतिविधियां और घरों में हीटिंग |
चाड- दुनिया का सबसे प्रदूषित देश
चाड का एयर क्वालिटी इंडेक्स 176 है। यहां का प्रदूषण काफी हद तक पर्यावरणीय कारकों की वजह से है। इसके मुख्य स्रोतों में धूल भरी आंधी और बायोमास का जलाना शामिल है, जो 91.8 के उच्च PM2.5 स्तर के लिए जिम्मेदार हैं। यही कारण है कि चाड दुनिया का सबसे प्रदूषित देश है।
बांग्लादेश
बांग्लादेश 167 AQI के साथ दूसरे स्थान पर है। यहां 78 का उच्च PM2.5 स्तर मुख्य रूप से मानवीय गतिविधियों का परिणाम है। इनमें ईंट के भट्टों से होने वाला उत्सर्जन, घना यातायात और घरेलू व औद्योगिक कचरे को जलाना शामिल है।
पाकिस्तान
पाकिस्तान 164 एयर क्वालिटी इंडेक्स के साथ तीसरे स्थान पर है। देश में PM2.5 का उच्च स्तर (73.7) कई कारणों से है। इनमें वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन और मौसमी तौर पर फसलों के अवशेषों को जलाना शामिल है।
प्रदूषण के कारण और स्वास्थ्य पर प्रभाव
सबसे प्रदूषित देश शहरी यातायात, उद्योग, फसलों के अवशेषों को जलाने और प्राकृतिक धूल भरी आंधियों जैसी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन वजहों से खतरनाक PM2.5 और PM10 का स्तर बढ़ जाता है। यहां रहने वाले लोगों को फेफड़ों की बीमारियों, अस्थमा और जीवन प्रत्याशा में कमी का ज्यादा खतरा होता है। प्रदूषण बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से हानिकारक है।
वैश्विक प्रतिक्रियाएं और रुझान
कई सरकारें इलेक्ट्रिक परिवहन, नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश और प्रदूषण नियंत्रण कानूनों का विस्तार कर रही हैं। प्रगति के बावजूद, तेजी से बढ़ती जनसंख्या और शहरीकरण अक्सर सुधारों पर भारी पड़ जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं उन प्रदूषकों से निपटने के लिए तत्काल सहयोग का आह्वान कर रही हैं, जो सीमाओं के पार फैलते हैं और वैश्विक स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा करते हैं।
निष्कर्ष
2025 में दुनिया के 9 सबसे प्रदूषित देश इस बात पर प्रकाश डालते हैं कि हर देश हवा की गुणवत्ता से निपटने के लिए किस तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा है। हालांकि स्थानीय प्रयास मददगार होते हैं, लेकिन साफ हवा और स्वस्थ लोगों के लिए दुनिया भर में व्यापक सहयोग और नए समाधान जरूरी हैं। जागरूकता और आंकड़ों पर आधारित नीतियां प्रगति के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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